Sagar News सागर में पेयजल व्यवस्था का निरीक्षण: अपर सचिव ने राजघाट की लाइफ लाइन का जायजा लिया
सागर: मध्य प्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग (Urban Development and Housing Department) के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे (Shri Sanjay Dubey) ने आज सागर शहर की पेयजल आपूर्ति (Drinking Water Supply) व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शहर की लाइफ लाइन (Life Line) कही जाने वाली राजघाट (Rajghat) परियोजना पहुंचकर जल गुणवत्ता (Water Quality) और संचालन संबंधी अभिलेखों की गहन समीक्षा की।
पानी की गुणवत्ता और लॉग बुक की हुई जांच
इस निरीक्षण के दौरान अपर सचिव ने जल शोधन प्रक्रिया (Water Purification Process) और गुणवत्ता परीक्षण (Quality Testing) प्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने लॉग बुक (Log Book) की जांच की तथा मौके पर ही पानी के नमूने (Water Sample) का परीक्षण कराया। परीक्षण में पानी का पीएच स्तर (pH Level) 7.30 पाया गया, जो पीने के पानी के मानकों के अनुरूप है। श्री दुबे ने केमिस्ट से परीक्षण प्रक्रिया और गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control) के तरीकों की विस्तृत जानकारी भी ली।
आधुनिक स्काडा सिस्टम का किया अवलोकन
श्री दुबे ने क्लोरीन हाउस (Chlorine House) और फिल्टर हाउस (Filter House) का निरीक्षण किया। उन्होंने स्काडा सिस्टम (SCADA System – Supervisory Control and Data Acquisition) के माध्यम से जल आपूर्ति की निगरानी एवं नियंत्रण (Monitoring and Control) व्यवस्था को देखा और इसके प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
“शुद्ध पानी सर्वोच्च प्राथमिकता”
अपर सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लीकेज (Leakage) की लगातार मॉनिटरिंग की जाए और तुरंत सुधारात्मक कार्य किए जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि “नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल (Safe Drinking Water) उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कहीं भी किसी भी प्रकार के दूषित पानी का वितरण न हो, इसकी लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाए।”
राजघाट परियोजना: सागर की जल धमनी
अधिकारियों द्वारा बताया गया कि राजघाट परियोजना (Rajghat Project) सागर नगर के 48 वार्ड, मकरोनिया सागर के 18 वार्ड और छावनी मंडल की लगभग 6 लाख की आबादी को पानी प्रदान करती है। इस जल वितरण प्रणाली (Water Distribution System) के तहत 8 ओवरहैड टैंक और 430 किलोमीटर पाइप लाइन नेटवर्क स्थापित है। परियोजना का संचालन एवं रखरखाव अब टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड (Tata Project Limited) द्वारा किया जा रहा है।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री संदीप जी. आर., नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
