राज्यसभा सांसद ने NIIT फाउंडेशन की ‘फ्यूचर-रेडी इम्पैक्ट’ वर्कशॉप में डिजिटल साक्षरता के प्रयासों को सराहा
नई दिल्ली: देश के प्रमुख गैर-लाभकारी संगठन एनआईआईटी फाउंडेशन (NIIT Foundation) ने अपनी पहली ‘फ्यूचर-रेडी इम्पैक्ट’ (Future-Ready Impact) प्रयोगात्मक वर्कशॉप नई दिल्ली में सफलतापूर्वक आयोजित की। इस कार्यशाला का उद्देश्य देशभर में सामाजिक प्रभाव (Social Impact) को बढ़ाने के रास्ते तलाशना था। ‘फ्यूचर-रेडी इम्पैक्ट: ह्यूमैनिटी, टेक्नोलॉजी और इन्क्लूजन’ (Future-Ready Impact: Humanity, Technology and Inclusion) विषय पर आधारित इस इवेंट में कॉर्पोरेट नेताओं, परोपकारी व्यक्तियों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया।
डिजिटल समावेशन और ज़मीनी स्तर पर तकनीकी समाधान पर चर्चा
इस कार्यशाला में इस बात पर मंथन किया गया कि तकनीक (Technology) और डिजिटल समाधानों का उपयोग करके अवसरों की कमी और पहुँच की बाधाओं को कैसे दूर किया जा सकता है। प्रतिभागियों ने फाउंडेशन की डिजिटल बस (Digital Bus) पहल सहित विभिन्न अनुभवात्मक बूथों के माध्यम से ज़मीनी स्तर पर हो रहे कार्यों को नज़दीक से देखा और समझा।
सांसद सुजीत कुमार ने डिजिटल पहुँच और प्रभाव पर ज़ोर दिया
राज्यसभा सांसद (Rajya Sabha MP) एवं संचार और सूचना प्रौद्योगिकी समिति के सदस्य श्री सुजीत कुमार ने वर्चुअल रूप से कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “चूंकि डेटा एकत्र करने की हमारी प्रणाली मजबूत है, इसलिए यह ज़रूरी है कि प्रौद्योगिकी सुदूर गाँवों के अंतिम छोर तक समुचित प्रभाव (Impact) के साथ पहुँचे। एनआईआईटी फाउंडेशन जैसे संगठन ऐसा प्रभाव डालने में अहम भूमिका निभाते हैं।” उन्होंने डिजिटल साक्षरता (Digital Literacy) और डिजिटल कौशल (Digital Skills) के प्रसार में फाउंडेशन के योगदान की सराहना की।
फाउंडेशन का लक्ष्य: सम्मान, अवसर और स्थायी समावेशन
एनआईआईटी फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुश्री सपना मौदगिल ने कहा, “हमारे लिए ‘प्रभाव’ सिर्फ एक आँकड़ा नहीं, बल्कि लोगों, भागीदारी और नीतियों के सहयोग से बनी एक जीवंत वास्तविकता है। जब तकनीक का इस्तेमाल सहानुभूति और सही इरादे से किया जाता है, तो यह भारत के युवाओं के लिए सम्मान, अवसर और स्थायी समावेशन (Inclusion) ला सकती है।”
एनआईआईटी फाउंडेशन का व्यापक पहुँच और उपलब्धियाँ
- विस्तार: फाउंडेशन का कार्य भारत के 83% जिलों में फैला हुआ है।
- प्रशिक्षण: 1.3 करोड़ से अधिक व्यक्तियों को कौशल प्रशिक्षण (Skill Training) प्रदान किया है।
- रोज़गार: 3 लाख से अधिक लोगों को सफल नौकरी प्लेसमेंट (Job Placement) दिलाया है।
- फोकस क्षेत्र: फाउंडेशन वंचित युवाओं, विशेष रूप से महिलाओं (Women Empowerment) और पहली पीढ़ी के शिक्षार्थियों को डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy), स्टेम शिक्षा (STEM Education) और आजीविका प्रशिक्षण (Livelihood Training) के अवसर उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।
2030 तक 63% भारतीय कर्मियों को डिजिटल कौशल की आवश्यकता
विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) के एक विश्लेषण के अनुसार, लगभग 63% भारतीय कर्मियों को 2030 तक डिजिटल कौशल (Digital Skilling) की आवश्यकता होगी। डिजिटल इंडिया (Digital India) और ‘विकसित भारत’ (Viksit Bharat) के लक्ष्यों की दिशा में बढ़ते हुए, सभी क्षेत्रों में नौकरी के लिए तैयार डिजिटल कौशल से लैस लोगों की माँग तेजी से बढ़ रही है। एनआईआईटी फाउंडेशन जैसे संगठन इसी दिशा में रोज़गारपरक प्रशिक्षण (Employability Training) देकर एक मजबूत डिजिटल भारत के निर्माण में योगदान दे रहे हैं।
