Sagar News जिले में जर्जर भवन ढहाने की कार्रवाई: छात्र सुरक्षा के मद्देनजर 300 से अधिक खतरनाक भवन गिराए
सागर. जिला प्रशासन ने स्कूल सहित सभी जर्जर एवं खतरनाक भवनों (Dilapidated and Dangerous Buildings) को गिराने की व्यापक कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के दृढ़ निर्देशों के बाद शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत अब तक जिले भर में 300 से अधिक असुरक्षित भवनों (Unsafe Structures) को ध्वस्त किया जा चुका है। यह कदम मुख्य रूप से छात्रों और आम नागरिकों की सुरक्षा (Student and Public Safety) सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कलेक्टर के निर्देश: ‘जर्जर भवन में संचालन बंद हो’
विद्यालयीन भवनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी स्कूल भवन (School Building) क्षतिग्रस्त अवस्था में नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, “किसी भी जर्जर भवन में स्कूल का संचालन नहीं होना चाहिए। ऐसी संरचनाओं को तत्काल गिराया जाए।” उन्होंने यह भी आदेश दिया कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में संबंधित क्षेत्र के अधिकारी व प्रबंधन जिम्मेदार माने जाएंगे।
युद्धस्तर पर हुई कार्रवाई, एक दिन में गिरे 50+ भवन
कलेक्टर के निर्देशों को अमल में लाते हुए जिला प्रशासन ने शिक्षा, राजस्व एवं नगरीय निकाय (Urban Bodies) के अधिकारियों को तत्परता से जुटाया। इसके परिणामस्वरूप अभियान को युद्धस्तर पर अंजाम दिया गया और एक ही दिन में लगभग 50 से अधिक खतरनाक भवनों को गिराया गया। इस कार्रवाई में सागर, रहली, खुरई, राहतगढ़, माल्थोन एवं देवरी जैसे क्षेत्र शामिल रहे।
नगरीय क्षेत्रों में भी जारी है ध्वस्तीकरण अभियान
नगर निगम सागर सहित सभी नगरीय निकायों के अंतर्गत भी पहले से चिन्हित किए गए जर्जर भवनों को गिराने का काम जोरों पर है। प्रशासन का लक्ष्य जिले को पूरी तरह से ऐसी असुरक्षित संरचनाओं से मुक्त कराना है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना (Accident Prevention) को रोका जा सके। भवन गिराए जाने के बाद संबंधित प्राचार्यों को इसका प्रमाणपत्र शिक्षा अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करना आवश्यक कर दिया गया है।
