Innovation in Forest ड्रोन स्क्वाड से होगी वनों की निगरानी, चंबल में शुरू हुई जलीय जीवों की वार्षिक गणना
भोपाल: वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा और प्रबंधन में अब आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा। इसी कड़ी में धार वन मंडल (Dhar Forest Division) ने एक विशेष ड्रोन स्क्वाड (Drone Squad) का गठन किया है। इस पहल का उद्देश्य वन क्षेत्रों की प्रभावी निगरानी (Effective Monitoring) और संरक्षण (Conservation) को सुदृढ़ बनाना है।
कैसे काम करेगा ड्रोन स्क्वाड?
यह स्क्वाड उन्नत तकनीक से लैस है, जिसमें दो आधुनिक ड्रोन (Drones), पर्याप्त बैटरी बैकअप और एक समर्पित वाहन शामिल है। टीम का नेतृत्व एक उप वनपाल करेगा, जिसमें दो वन रक्षक और एक प्रशिक्षित ड्रोन ऑपरेटर (Drone Operator) भी शामिल हैं।
मुख्य भूमिकाएं एवं लाभ
यह स्क्वाड कई अहम जिम्मेदारियां निभाएगा:
- वनाग्नि प्रबंधन (Forest Fire Management): आग लगने की घटनाओं की शीघ्र पहचान और निगरानी।
- मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict): संघर्ष की स्थितियों पर नजर रखना।
- अतिक्रमण नियंत्रण (Encroachment Removal): अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में सहयोग।
- दस्तावेजीकरण (Documentation): वानिकी कार्यों का प्रभावी दस्तावेजीकरण।
- इससे न सिर्फ वन संरक्षण प्रक्रिया अधिक कुशल होगी, बल्कि वन प्रबंधन प्रणाली (Forest Management System) में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
चंबल नदी में जारी है जैव विविधता सर्वेक्षण
एक अन्य महत्वपूर्ण कदम में, चंबल नदी (Chambal River) के घाट दांतरदा क्षेत्र में जलीय जीवों और पक्षियों की वार्षिक गणना के लिए सर्वेक्षण दल रवाना किया गया है। मुरैना के वनमंडलाधिकारी और ग्वालियर वृत्त के मुख्य वन संरक्षक ने दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
जलीय जीवों तथा प्रवासी और अप्रवासी पक्षियों की गणना
यह सर्वेक्षण (Survey) घड़ियाल (Gharial), मगरमच्छ (Crocodile) सहित अन्य जलीय जीवों तथा प्रवासी और अप्रवासी पक्षियों (Migratory and Resident Birds) की गणना करेगा। इससे क्षेत्र की जैव विविधता (Biodiversity) के संरक्षण और वैज्ञानिक आंकड़ों के संकलन में मदद मिलेगी। सर्वेक्षण दल में मध्य प्रदेश और राजस्थान वन विभाग (Rajasthan Forest Department) के प्रतिनिधि व फील्ड स्टाफ शामिल हैं।
