MP Politics दिग्विजय सिंह ने बिहार चुनाव में NDA की रेकॉर्ड तोड़ जीत के बाद उठाए SIR और EVM पर सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) में महागठबंधन (Mahagathbandhan) की हार के लिए चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं को जिम्मेदार ठहराया है।
चुनाव परिणाम आने के बाद दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनका पहले से मौजूद शक सही साबित हुआ है। उन्होंने विशेष मतदाता पहचान पत्र (Special Identification of Voters – SIR) प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि:
- एसआईआर (SIR) में 62 लाख मतदाताओं के वोट काटे गए।
- केवल 20 लाख नए वोटर जोड़े गए।
- 5 लाख वोट बिना एसआईआर फॉर्म (SIR Form) भरे ही बढ़ा दिए गए।
उन्होंने आगे कहा कि इन कटे हुए ज्यादातर वोट गरीब, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग (Dalit and Minority Voters) के थे। उन्होंने कहा, “इसके बावजूद ईवीएम (EVM) पर शंका बनी हुई है।”
पहले भी जताई थी आशंका
यह पहली बार नहीं है जब दिग्विजय सिंह ने बिहार चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। एक्जिट पोल (Exit Poll) के बाद ही उन्होंने कहा था कि उन्हें मैदान में बराबर की लड़ाई नजर आ रही थी। उनका तब कहना था कि अगर एनडीए 140 से अधिक सीटें जीतता है, तो यह मतदाता सूची (Voter List) और ईवीएम (EVM) के कारण ही होगा।
कांग्रेस को सुझाया नया रास्ता
अपने बयान में दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस पार्टी (Congress Party) को एक सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपने संगठन (Party Organization) पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उनके मुताबिक, आज के दौर में चुनाव मतदान केंद्रों (Polling Booths) पर सघन जनसंपर्क का है, न कि केवल रैलियों और जनसभाओं का। उन्होंने जीतने वाले उम्मीदवारों को बधाई भी दी।
बिहार में एनडीए की शानदार जीत के बीच दिग्विजय सिंह का यह बयान एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है और राजनीतिक बहस का एक नया मोड़ पेश करता है।
