CM in SPAIN : प्रवासी भारतीयों के साथ मध्यप्रदेश का मजबूत जुड़ाव : मुख्यमंत्री
बार्सिलोना में इंडियन डायस्पोरा एवं फ्रेंड्स ऑफ एमपी से किया संवाद
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पेन प्रवास के चौथे दिन बार्सिलोना (Barcelona) में प्रवासी भारतीयों (Indian Diaspora) और “फ्रेंड्स ऑफ एमपी” के साथ संवाद करते हुए कहा कि राज्य अब निवेश (Investment) और विकास का प्रमुख केंद्र बन चुका है। उन्होंने विदेशों में बसे भारतीयों से मध्यप्रदेश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया और राज्य की नीतियों, सुधारों तथा व्यापार संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
प्रवासियों से भावनात्मक जुड़ाव
मुख्यमंत्री ने कहा, प्रवासी भारतीय केवल नागरिक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के राजदूत हैं। बार्सिलोना में मिला अपनापन मुझे उज्जैन की याद दिलाता है।” उन्होंने काउंसल जनरल श्री इनबासेकर सुंदरमूर्ति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय दुनिया में अपनी परंपराओं का प्रसार करते हैं। उन्होंने प्रवासियों को प्रदेश सरकार की नीतियों ओर कामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
निवेश के लिए आकर्षक नीतियाँ
- मेडिकल कॉलेजों को प्रोत्साहन: 25 एकड़ जमीन मात्र 1 रुपये में आवंटित।
- होटल परियोजनाओं पर 30 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी।
- डिजिटल स्वीकृति प्रक्रिया: लंदन के एक उद्योगपति को ऑनलाइन आवेदन के तुरंत बाद भूमि आवंटन।
- सौर ऊर्जा योजना: किसानों को 3 लाख सोलर पंप वितरित किए जाएंगे।
कृषि और स्वास्थ्य में उल्लेखनीय प्रगति
- गेहूं उत्पादन (Wheat Production) में अव्वल: मध्यप्रदेश ने पंजाब को पीछे छोड़ा।
- मेडिकल कॉलेजों का विस्तार: वर्तमान में 37 कॉलेज, 2 वर्षों में 50 तक पहुँचने का लक्ष्य।
- राहवीर योजना (Rahveer Scheme): सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वालों को 25,000 रुपये का प्रोत्साहन।
- एयर एम्बुलेंस (Air Ambulance) सेवा: आपातकाल में त्वरित उपचार सुनिश्चित।
छोटे शहरों में आईटी और रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने बताया कि आईटी, फार्मा, टूरिज्म और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएँ हैं। राज्य सरकार छोटे शहरों को भी तकनीकी विकास से जोड़ रही है, ताकि युवाओं को रोजगार स्थानीय स्तर पर मिल सके।
केवल निवेश नहीं भावनात्मक साझेदारी
डॉ. यादव ने प्रवासी भारतीयों (NRIs) से कहा, “यह केवल निवेश नहीं, बल्कि भावनात्मक साझेदारी (Emotional Partnership) है। मध्यप्रदेश भारत का दिल (Heart of India) है और यहाँ हर निवेश, हर विचार का स्वागत है।”
