मध्यप्रदेश में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न
भोपाल : मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड (MP Eco-Tourism Development Board) ने सीहोर (Sehore) जिले के कठौतिया ईको जंगल कैम्प (Kathautia Eco Jungle Camp) में दो दिवसीय प्रबंधन एवं कैम्पिंग प्रशिक्षण (Destination Management & Camping Training) आयोजित किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य ईको-टूरिज्म (Eco-Tourism) स्थलों पर कार्यरत समिति सदस्यों को रोजगार (Employment) के नए अवसर प्रदान करना, पर्यटकों को वन्य जीवन (Wildlife) और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा स्थानीय ग्रामीणों को वन संरक्षण हेतु प्रेरित करना था।
12 ईको-टूरिज्म स्थलों के 49 प्रतिभागियों ने लिया भाग
कार्यक्रम में प्रदेश के 12 ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन (Eco-Tourism Destinations) : सापना (Sapna, Betul), मगरपाठ एवं कठौतिया (Magarpath & Kathautia, Sehore), बोदाखो एवं समर्धा (Bodakho & Samardha, Bhopal), देलवाड़ी रातापानी ठाइगर रिजर्व (Delawadi, Ratapani Tiger Reserve), कूनो वन्यजीव अभयारण्य (Kuno Wildlife Sanctuary),खिवनी अभयारण्य (Khivni Sanctuary, Dewas), से आए 49 प्रतिभागियों, जिनमें वन अधिकारी, समिति सदस्य और स्थानीय गाइड्स शामिल थे, ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
प्रशिक्षण के प्रमुख सत्र
- समिति प्रबंधन (Committee Management):
- समिति गठन, सदस्य चयन, बैठकों का संचालन, संघर्ष प्रबंधन और कानूनी अनुपालन।
- अतिथि सेवा प्रबंधन (Guest Hospitality Management):
- स्टे, किचन, कैम्प साइट, स्वच्छता और सुरक्षा प्रबंधन।
- साहसिक गतिविधियाँ (Adventure Activities):
- ट्रेकिंग, नाइट सफारी, विलेज वॉक, बर्ड वॉचिंग और बैलगाड़ी सवारी।
ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की पहल
मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. समिता राजौरा (Dr. Samita Rajoura, CEO, Eco-Tourism Board) ने बताया कि यह प्रशिक्षण स्थानीय समुदायों (Local Communities) को सतत पर्यटन (Sustainable Tourism) से जोड़ने और प्राकृतिक संसाधनों (Natural Resources) के संरक्षण में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया था। प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र (Certificates) भी वितरित किए गए। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मध्यप्रदेश के ईको-टूरिज्म (MP Eco-Tourism) को मजबूती देने और स्थानीय रोजगार (Local Employment) बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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जानें मध्यप्रदेश के प्रमुख ईको-टूरिज्म स्थलों के बारे में
(Top Eco-Tourism Destinations in MP)
- पेंच नेशनल पार्क (Pench National Park)
क्यों जाएँ? “जंगल बुक” की लैंडस्केप से प्रेरित यह पार्क बाघों, तेंदुओं और विभिन्न पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है। ईको-एक्टिविटीज: जंगल सफारी, नाइट ट्रेकिंग, बर्ड वॉचिंग। - कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park)
क्यों जाएँ? चीतों के पुनर्वास के लिए प्रसिद्ध, यह पार्क वन्यजीव प्रेमियों के लिए स्वर्ग है। ईको-एक्टिविटीज: वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी, नेचर वॉक। - पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna Tiger Reserve) क्यों जाएँ? यहाँ बाघों के अलावा घड़ियाल और पक्षियों की विविध प्रजातियाँ देखने को मिलती हैं। ईको-एक्टिविटीज: केन रिवर क्रूज, जिपलाइनिंग।
- कठौतिया ईको जंगल कैम्प (Kathautia Eco Jungle Camp, Sehore) क्यों जाएँ? यह कैम्प साहसिक पर्यटन और प्रकृति प्रेमियों के लिए आदर्श है। ईको-एक्टिविटीज: टेंट स्टे, ट्रेकिंग, विलेज टूर।
- सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (Satpura Tiger Reserve)
क्यों जाएँ? यहाँ जंगल सफारी के अलावा बोट सफारी और नाइट कैंम्पिंग का अनुभव मिलता है। ईको-एक्टिविटीज: कैनोपी वॉक, बायोलुमिनेसेंट ट्रेल्स।
ईको-टूरिज्म पहल (MP’s Eco-Tourism Initiatives)
✅ ग्रामीण पर्यटन (Rural Tourism): स्थानीय गाँवों को पर्यटन से जोड़कर आजीविका बढ़ाना।
✅ जैव विविधता संरक्षण (Biodiversity Conservation): वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा पर जोर।
✅ सतत आवास (Sustainable Stays): जंगल कॉटेज, ट्री हाउस और होमस्टे विकल्प।
✅ प्रशिक्षण कार्यक्रम (Training Programs): स्थानीय गाइड्स और समुदायों को पर्यटन प्रबंधन में प्रशिक्षित करना।
क्यों चुनें मध्यप्रदेश का ईको-टूरिज्म?
🌿 प्रकृति के करीब अनुभव
🐅 वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का मौका
🏕️ एडवेंचर और शांति दोनों का संगम
💚 पर्यावरण संरक्षण में योगदान
पर्यटकों को अद्वितीय अनुभव
मध्यप्रदेश का ईको-टूरिज्म न केवल पर्यटकों को अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाता है। अगर आप प्रकृति, वन्यजीव और सस्टेनेबल ट्रैवल (Nature, Wildlife & Sustainable Travel) में रुचि रखते हैं, तो MP आपके लिए एक आदर्श गंतव्य है!
