उमा भारती ने टीकमगढ़ में शुरू की ‘मां के नाम यात्रा’, भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर साधा निशाना
सागर। भाजपा (BJP) की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री (Former Chief Minister) उमा भारती (Uma Bharti) ने सोमवार से बुंदेलखंड के टीकमगढ़ जिले (Tikamgarh District) में तीन दिवसीय ‘मां के नाम यात्रा’ शुरू की है। हालांकि उन्होंने इस यात्रा (Yatra) को अराजनैतिक बताया है, लेकिन उन्होंने राज्य सरकार पर ‘भारी भ्रष्टाचार’ (Heavy Corruption) और ‘सुविधाओं की असमानता’ का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) से इस मुद्दे पर बात करने की बात कही है।
‘अराजनैतिक’ यात्रा में छुपा राजनीतिक संदेश?
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि यह यात्रा उनकी मां की जन्मभूमि टीकमगढ़ के गरोली गांव से शुरू हुई और 2 दिसंबर को उनके गृहजनपद डूंडा में समाप्त होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह यात्रा “पूर्णतया अराजनैतिक, भावनात्मक एवं प्रेरणास्पद है।”
हालांकि, यात्रा के दौरान ही उन्होंने एक बयान में कहा, “भारी भ्रष्टाचार एवं सुविधाओं की असमानता ने लोगों के अंदर आग जला दी है, मैं इस विषय पर भोपाल पहुंच कर मुख्यमंत्री मोहन यादव जी से भी बात करूंगी।” यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
लोकसभा चुनाव से पहले सक्रियता
इस यात्रा का महत्व इसलिए और बढ़ जाता है क्योंकि उमा भारती ने हाल ही में झांसी (Jhansi) से आगामी लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) लड़ने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उन्हें “फिर से जन्म दे रही है।” यह बयान उनकी सक्रिय राजनीति में वापसी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
पहले भी जताई थीं चुनौतियां
एक पखवाड़े पहले ही उमा भारती ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने कई चुनौतियां गिनाई थीं, जिनमें मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) का आधुनिकीकरण, निवेश का धरातल पर उतरना, रोजगार सृजन, गौ-आधारित अर्थव्यवस्था, शराब नीति (Liquor Policy) और भ्रष्टाचार मुक्त शासन (Corruption-Free Governance) शामिल हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि मोहन यादव इन चुनौतियों से निपटने में सक्षम हैं।
इस यात्रा को राज्य की मौजूदा भाजपा सरकार के लिए एक अप्रत्यक्ष रूप से सलाह या फिर आगामी चुनावों को देखते हुए अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता दर्शाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।
