Policy Making में Data की भूमिका पर हुए सम्मेलन में विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
भोपाल : अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (AIGGPA) में “प्रभावी नीति निर्माण के लिए राज्य सांख्यिकीय और डेटा प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत करना” विषय पर एक दिवसीय राउंडटेबल सम्मेलन (Roundtable Conference) आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम का आयोजन आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय (Directorate of Economics & Statistics) और पब्लिक इंडिया फाउंडेशन (Public India Foundation, New Delhi) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। राज्य सांख्यिकी आयोग (State Statistical Commission) और राज्य नीति आयोग (State Policy Commission) भी सहभागी रहे।
आधिकारिक Data को मजबूत करने की दिशा में विमर्श (Official Data for Governance)
सम्मेलन में नीति निर्माण, क्रियान्वयन और मूल्यांकन के लिए विश्वसनीय और समयबद्ध आंकड़ों की उपलब्धता पर गहन चर्चा हुई। आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय के संयुक्त निदेशक श्री विश्वजीत रायकवार ने मध्यप्रदेश में डेटा संग्रह, विश्लेषण और प्रकाशन की प्रणाली को अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
एसएससी के अध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव ने कहा कि आंकड़े शासन (Governance) की रीढ़ होते हैं। उन्होंने डेटा गुणवत्ता (Data Quality), पारदर्शिता (Transparency) और समयबद्धता (Timeliness) सुनिश्चित करने की जरूरत बताते हुए सोशल मीडिया (Social Media) के माध्यम से आंकड़ों को आम जनता तक पहुँचाने का सुझाव दिया।
Digital Innovations से डेटा प्रणाली का आधुनिकीकरण (Digital Data Management)
मुख्य वक्ता आशीष कुमार, पूर्व महानिदेशक (MoSPI) एवं पब्लिक इंडिया फाउंडेशन फेलो, ने आंकड़ों के डिजिटलीकरण, विश्लेषण और उपयोग में हो रहे नवीन प्रयोगों (Data Innovations) पर प्रकाश डाला। उन्होंने सैटेलाइट डेटा (Satellite Data), मोबाइल ट्रांजैक्शन (Mobile Transactions) और बिजली खपत (Electricity Consumption) जैसे आधुनिक डेटा स्रोतों का उल्लेख करते हुए इन्हें नीति निर्माण के लिए उपयोगी बताया।
एमपीएसईडीसी (MPSEDC) की मुख्य महाप्रबंधक सुश्री शिवांगी जोशी ने विभागों के बीच डेटा साझा करने की प्रक्रिया में आने वाली चुनौतियों और संभावनाओं की प्रस्तुति दी।
राज्य डेटा मिशन और नीति नवाचारों पर विमर्श (State Data Mission & Policy Insights) सम्मेलन में विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित हुए जिनमें शामिल रहे:
- GDDP (Gross District Domestic Product) विश्लेषण
- सूचकांक आधारित मूल्यांकन (Indicator-Based Evaluation)
- महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स की निगरानी (Women-led Startups Monitoring)
- अनुसंधान में डेटा उपयोग (Data for Research)
- राज्य डेटा मिशन (State Data Mission)
प्रवीण श्रीवास्तव ने आईसीटी आधारित डेटा संग्रह (ICT-based Data Collection) को सशक्त करने, शोधकर्ताओं को अधिकृत डेटा तक पहुंच देने और डेटा गोपनीयता (Data Privacy) व गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु संस्थागत ढांचे (Institutional Frameworks) विकसित करने की जरूरत बताई।
विकसित मध्यप्रदेश @2047 की नींव बनेगा डेटा गवर्नेंस (Data Governance for Viksit MP 2047)
राज्य का योजना विभाग (Planning Department) डेटा-संचालित नीतियों के माध्यम से सुशासन (Good Governance) को सशक्त करने की दिशा में कार्यरत है। इस सम्मेलन से “विकसित मध्यप्रदेश @2047 (Viksit Madhya Pradesh @2047)” की आकांक्षा को साकार करने के लिए एक ठोस कदम माना जा रहा है।
प्रतिभागी संस्थान और विशेषज्ञ (Institutional Participation)
सम्मेलन में iSPIRIT, IIM इंदौर, DAVV इंदौर, EDII अहमदाबाद, SPJIMR मुंबई, विश्व बैंक (World Bank), भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (Ministry of Agriculture & Farmers Welfare) सहित विभिन्न शैक्षणिक और शोध संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
