MP News अल फलाह चेयरमैन के मकान पर चलेगा बुलडोजर, 3 दिन में अवैध निर्माण हटाने की चेतावनी
इंदौर: दिल्ली ब्लास्ट (Delhi Blast) की जांच के बीच अल फलाह समूह (Al Falah Group) के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी (Jawad Ahmad Siddiqui) और उनके भाई हमूद सिद्दीकी के महू स्थित चार मंजिला मकान पर बुलडोजर ऐक्शन (Bulldozer Action) की तलवार लटक गई है। महू छावनी परिषद (Mhow Cantonment Board) ने मकान पर नोटिस चस्पा कर मालिकों को तीन दिन के भीतर अवैध निर्माण (Illegal Construction) हटाने का आदेश दिया है।
महू में अवैध घोषित हुआ चार मंजिला मकान
अल फलाह ट्रस्ट (Al Falah Trust) के प्रमुख जवाद अहमद सिद्दीकी और उनके भाई हमूद सिद्दीकी का यह चार मंजिला मकान महू के मुकेरी मोहल्ला में स्थित है। कैंट बोर्ड (Cant Board) ने गहन जांच के बाद इस निर्माण को पूरी तरह अवैध घोषित कर दिया है। मकान नंबर 1371, सर्वे नंबर 245/1245 पर बने इस भवन के खिलाफ विभाग ने सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है।
1996 से लंबित है मामला, अब सख्त ऐक्शन
कैंट बोर्ड के नोटिस से पता चलता है कि यह मामला लंबे समय से लंबित है। विभाग ने पहली बार 23 अक्टूबर 1996 को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया था। इसके बाद छावनी अधिनियम 1924 (Cantonment Act) की धारा 186 के तहत 2 नवंबर 1996 को और धारा 256 के तहत 27 मार्च 1997 को भी नोटिस दिए गए थे, लेकिन आज तक इनका अनुपालन नहीं किया गया।
तीन दिन की अल्टीमेटम, वरना बुलडोजर
नवीनतम नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि कब्जाधारी को तीन दिन के भीतर स्वयं अवैध निर्माण हटाना होगा। यदि निर्धारित समय सीमा में निर्माण नहीं हटाया गया तो कैंट बोर्ड स्वयं बुलडोजर से इसे ध्वस्त कर देगा। इतना ही नहीं, छावनी अधिनियम 2006 (Cantonment Act 2006) की धारा 248 और 320 के तहत विध्वंस का पूरा खर्च (Demolition Cost) भी निर्माणकर्ताओं से ही वसूला जाएगा।
ईडी की गिरफ्तारी के बाद नया एक्शन
गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate – ED) पहले ही अल फलाह ट्रस्ट के प्रमुख जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर चुकी है। अब महू में उनकी संपत्ति (Property) पर कार्रवाई से मामला और गंभीर हो गया है। यह कार्रवाई दिल्ली ब्लास्ट जांच के दौरान सामने आई है, जो मामले की संवेदनशीलता को दर्शाती है।
