अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्कर मन्नीवन्नन मुरुगेशन का प्रत्यर्पण मंजूर, थाईलैंड भेजने का रास्ता साफ
नई दिल्ली/भोपाल: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित वन्यजीव कछुओं की तस्करी के आरोपी मन्नीवन्नन मुरुगेशन (Mannivannan Murugesan) के थाईलैंड प्रत्यर्पण को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पटियाला हाउस न्यायालय, नई दिल्ली ने थाईलैंड सरकार के अनुरोध को स्वीकार करते हुए 6 जनवरी 2026 को मुरुगेशन के प्रत्यर्पण की अनुमति दे दी है।
दुनियाभर में फैला था तस्करी का नेटवर्क
सिंगापुर निवासी मुरुगेशन का अवैध वन्यजीव व्यापार (Wildlife Trafficking) भारत (India), थाईलैंड (Thailand), मलेशिया (Malaysia), मकाऊ (Macau), हांगकांग (Hong Kong), चीन (China) और मेडागास्कर (Madagascar) तक फैला हुआ था। दुर्लभ और प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं (Endangered Turtles) की तस्करी में उसका नाम विश्व स्तर पर तीसरे स्थान पर दर्ज किया गया था।
900 दुर्लभ कछुओं के साथ पकड़ा गया था
मुरुगेशन को 27 अगस्त 2012 को बैंकॉक एयरपोर्ट (Bangkok Airport) पर करीब 900 दुर्लभ प्रजाति के लाल मुकुट वाले कछुओं (red-crowned roofed turtles) के साथ गिरफ्तार किया गया था। हालांकि वह उस समय कानूनी खामियों का लाभ उठाकर छूटने में सफल रहा। बाद में मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर फोर्स (State Tiger Force – STF) की रिपोर्ट के आधार पर थाईलैंड के मामले में इंटरपोल (Interpol) ने उसके खिलाफ रेड नोटिस (Red Notice) जारी किया।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर साझा हुए थे सबूत
मुरुगेशन से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज मध्यप्रदेश वन विभाग की स्टेट टाइगर फोर्स ने जुलाई 2018 में ढाका, बांग्लादेश में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बैठक में साझा किए थे। यह बैठक कछुओं और जलीय वन्यजीवों की तस्करी रोकने (Illegal Trade in Aquatic Wildlife) के लिए आयोजित की गई थी।
भारत में भी चल चुके हैं गंभीर मामले
एसटीएफ ने मुरुगेशन को 30 जनवरी 2018 को चेन्नई से गिरफ्तार कर सागर के विशेष न्यायालय में पेश किया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सागर ने उसे दोषी ठहराते हुए 7 वर्ष की सजा सुनाई थी। हालांकि अपील पर जिला एवं सत्र न्यायालय, सागर ने उसे दोषमुक्त कर दिया। इसके बाद एसटीएफ ने उच्च न्यायालय, जबलपुर में अपील दायर कर उसका पासपोर्ट जब्त (Passport Impounded) करवा दिया। मामला फिलहाल उच्च न्यायालय में लंबित है।
अब तिहाड़ जेल में बंद, प्रत्यर्पण की तैयारी
थाईलैंड प्रत्यर्पण की पुष्टि के बाद पटियाला हाउस न्यायालय के आदेश से मुरुगेशन को गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल (Tihar Jail), नई दिल्ली में रखा गया है। औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उसे थाईलैंड भेजा जाएगा, जहां उसके खिलाफ वन्यजीव तस्करी के गंभीर मामले दर्ज हैं।
