MP News नक्सल प्रभावित इलाकों में बदलाव की बयार : 4 हजार से अधिक युवाओं काे बड़ी कंपनियों में रोजगार
भोपाल: बालाघाट का नाम अक्सर नक्सली घटनाओं से जुड़कर आता रहा है, लेकिन अब यहाँ की तस्वीर बदलनी शुरू हो गई है। जिले के दूरस्थ गाँवों और नक्सल प्रभावित अंचलों से निकले युवाओं को इस बार रोजगार की नई राह मिली है। यहां हुए रोजगार महोत्सव और विशेष नियुक्ति प्रक्रिया में चार हजार से अधिक युवाओं का चयन देश की प्रतिष्ठित कंपनियों और सरकारी सेवा में हुआ। इससे उन परिवारों में उम्मीद जगी है, जहाँ अब तक बेरोजगारी और असुरक्षा का साया था।
तीन दिवसीय रोजगार महोत्सव आयोजित
कटंगी में आयोजित तीन दिवसीय रोजगार महोत्सव (20 से 22 सितम्बर) में टाटा मोटर्स, एमआरएफ, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, एल एंड टी, रेमंड और सीआईआई जैसी कंपनियों ने भाग लिया। दसवीं और बारहवीं पास से लेकर आईटीआई डिप्लोमा धारक युवाओं तक को अवसर मिला। कुल 2734 युवाओं का चयन हुआ जिसमें 845 युवतियाँ भी शामिल हैं। विशेष बात यह रही कि लगभग एक हजार युवतियों का प्लेसमेंट बेंगलुरु की कंपनियों में हुआ है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नियुक्ति पत्र सौंपे
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे और कहा कि यह केवल नियुक्ति की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र को हिंसा और भय की छाया से बाहर निकालने का प्रयास है। उन्होंने विश्वास जताया कि जब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं के घर रोजगार की रोशनी पहुँचेगी, तो परिवारों को सुरक्षा और समाज को स्थिरता मिलेगी। मुख्यमंत्री का यह वक्तव्य एक बड़े संदेश की तरह था कि राज्य सरकार न केवल पुलिस कार्रवाई, बल्कि विकास और अवसरों को भी नक्सलवाद के विरुद्ध हथियार बना रही है।
नक्सल प्रभावित इलाकों के युवाओं को विशेष प्राथमिकता
नक्सल प्रभावित इलाकों से आए युवाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई। गृह विभाग के विशेष दस्ते के लिए 850 युवाओं को नियुक्त किया गया, जबकि पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए विशेष कैंप में एल एंड टी कंपनी ने 500 युवाओं का चयन किया। पहले आयोजित मेलों के जरिये भी 500 युवाओं को अवसर मिल चुका है। इन सब प्रयासों के परिणामस्वरूप अब तक 3734 युवा रोज़गार से जुड़े हैं।
इस तरह, जहाँ एक ओर ग्रामीण और पिछड़े अंचलों का युवाशक्ति निजी कंपनियों की फैक्ट्रियों और यूनिटों तक पहुँचेगी, वहीं दूसरी ओर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की राज्य सरकार की पहल को भी नई सफलता मिली है।
