MP News प्रियंका गांधी का ‘हर बूथ मजबूत’ अभियान (Har Booth Majboot campaign): दिमनी सीट पर खास जोर क्यों?
भोपाल: राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ अभियान (vote theft campaign) के बाद अब प्रियंका गांधी देशभर में ‘हर बूथ मजबूत’ कार्यक्रम (Har Booth Majboot campaign) शुरू कर रही हैं। मुरैना जिले की दिमनी विधानसभा सीट (Dimani Assembly seat) को इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए चुना गया है, जो BJP के दिग्गज नेता और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) का गढ़ माना जाता है।
MP Politics प्रियंका गांधी की रणनीति के पीछे कई अहम कारण हैं। सबसे पहले, दिमनी सीट दिल्ली के पास स्थित है, जिससे कांग्रेस की केंद्रीय टीम (Congress central team) का आना-जाना आसान हो जाता है। दूसरे, चंबल क्षेत्र (Chambal region) में 2003 से भाजपा की सरकार के बावजूद कांग्रेस की मजबूत उपस्थिति रही है। तीसरे, मुरैना-श्योपुर लोकसभा सीट (Morena-Sheopur Lok Sabha seat) की आठ विधानसभाओं में से पांच पर कांग्रेस के विधायक हैं।
कैसे काम करेगा ‘हर बूथ मजबूत’ कार्यक्रम?
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत चुनी गई विधानसभा सीट में 20-20 बूथों के क्लस्टर (booth clusters) बनाए जाएंगे। हर क्लस्टर पर एक बूथ रक्षक (booth protector) नियुक्त किया जाएगा, जिसे प्रियंका गांधी की टीम विशेष ट्रेनिंग देगी। यह बूथ रक्षक अपने क्लस्टर की बूथ समितियों (booth committees) के सदस्यों को गाइड करेगा और मतदाता सूची (voter list) में किसी भी गड़बड़ी पर नज़र रखेगा।
मतदाता सूची की गहरी जांच
बूथ रक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि मतदान केंद्रों (polling stations) पर कितने मतदाताओं के नाम गलत तरीके से जोड़े गए हैं। पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों (Assembly and Lok Sabha elections) की वोटर लिस्ट का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। चुनाव के दो महीने पहले काटे और जोड़े गए नामों की गहरी छानबीन होगी।
बीएलओ के साथ समन्वय
बूथ रक्षक बीएलओ (Booth Level Officer) के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी सही मतदाता (genuine voter) मतदाता सूची से न छूटे और कोई भी गलत नाम वोटर लिस्ट में शामिल न रहे। इस पूरे प्रोजेक्ट की कमान प्रियंका गांधी खुद संभाल रही हैं।
दिमनी सीट का चुनावी इतिहास
दिमनी विधानसभा सीट (Dimani Assembly constituency) का चुनावी इतिहास दिलचस्प है। 2008 में शिवमंगल सिंह तोमर, 2013 में बसपा के बलवीर सिंह दंडोतिया, 2018 में कांग्रेस के गिर्राज दंडोतिया ने जीत दर्ज की। 2020 में गिर्राज ने सिंधिया के साथ बीजेपी ज्वाइन की, फिर उप चुनाव में कांग्रेस के रविंद्र सिंह तोमर जीते। 2023 के विधानसभा चुनाव में नरेंद्र सिंह तोमर ने जीत हासिल की।
जातिगत समीकरण और मुख्य मुद्दे
दिमनी सीट पर जातिगत समीकरण (caste equation) महत्वपूर्ण है:
- ठाकुर समुदाय: 84,000 मतदाता
- ब्राह्मण समुदाय: 20,000 मतदाता
- गुर्जर समुदाय: 12,000 मतदाता
- हरिजन समुदाय: 25,000 मतदाता
यहां हर चुनाव में रोजगार (employment) एक प्रमुख मुद्दा रहता है।
इलाके में कांग्रेस की मजबूत स्थिति
मुरैना-श्योपुर लोकसभा सीट में कुल आठ विधानसभाएं आती हैं। इनमें से श्योपुर, विजयपुरा, जौरा, मुरैना और अम्बाह में कांग्रेस के विधायक हैं, जबकि भाजपा के पास केवल तीन सीटें – सबलगढ़, सुमावली और दिमनी हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव (2024 Lok Sabha elections) में कांग्रेस उम्मीदवार सत्यपाल सिंह सिकरवार महज 52,530 वोटों के अंतर से हारे थे।
ग्वालियर-चंबल अंचल में कांग्रेस की नई रणनीति
ग्वालियर-चंबल अंचल (Gwalior-Chambal region) वह इलाका है जहां मोदी लहर में भी कांग्रेस मजबूत रही है। आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए कांग्रेस अपनी सबसे ज्यादा ताकत इसी क्षेत्र में झोंकने की तैयारी में है। प्रियंका गांधी का यह अभियान कांग्रेस की नई चुनावी रणनीति (electoral strategy) का हिस्सा माना जा रहा है।
भाजपा की प्रतिक्रिया, तंज कसा
भाजपा नेता प्रियंका गांधी के इस अभियान को लेकर तंज कस रहे हैं। पार्टी का कहना है कि यह महज एक राजनीतिक स्टंट है। हालांकि, कांग्रेस इसे अपनी संगठनात्मक मजबूती (organizational strengthening) का हिस्सा बता रही है। यह अभियान आने वाले समय में भारतीय राजनीति (Indian politics) में कितना प्रभावी साबित होता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
