MP News “हटा देंगे साले को”: भोपाल सरपंच सम्मेलन में सीएम मोहन यादव का विवादित बयान, कांग्रेस ने उठाए सवाल
भोपाल (dailyhindinews.com): पिछले सप्ताहांत यहां सरपंच महासम्मेलन (Sarpanch Mahasammelan) के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) का एक बयान अब विवादों में घिर गया है। सीएम यादव ने सचिवों और सहायक सचिवों के बारे में ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जो चर्चा का विषय बन गया और विपक्षी कांग्रेस (Congress) ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
“इनकी क्या औकात”: सीएम यादव का विवादित बयान
सरपंच महासम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “कोई सचिव (Secretary) अगर काम नहीं करके दे रहा तो हटा देंगे साले को, चिंता क्यों कर रहे हो। जहां कोई तकलीफ देगा तो हटा देंगे। सचिव है, सहायक सचिव है, इनकी क्या औकात।” सीएम यादव ने आगे कहा, “देखो अगर लगता है कि सरपंच के मामले में कोई दिक्कत आ रही, सरकार ने निर्णय लिया है, तो उसको ठीक करने का काम हमारा है। ये कोई चिंता की बात थोड़ी है।”
कांग्रेस ने लगाया पद की गरिमा गिराने का आरोप
मध्य प्रदेश कांग्रेस (MP Congress) ने सीएम यादव की इस भाषाशैली पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस ने अपने एक्स अकाउंट (X Account) पर इस बयान का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “हां, मोहन बाबू आपके राज में माफियाओं के अलावा और किसी की #औकात भी क्या है! गिरती भाषा और हल्के शब्दों का प्रयोग कर अपने पद की गरिमा को और कितना गिराएंगे मुख्यमंत्री जी!” कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पद की गरिमा (Dignity of CM Post) को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है।
सरपंचों को 25 लाख रुपए तक के काम का अधिकार
विवाद के बीच, सीएम मोहन यादव ने सरपंच महासम्मेलन में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि पंचायत व्यवस्था (Panchayat System) को सशक्त करने के लिए पंचायतों को 25 लाख रुपए तक के कार्य करने का अधिकार दिया जा रहा है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों (Panchayat Representatives) को विकास कार्यों के लिए 50-50 हजार रुपए की राशि अंतरित करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों की तरह पंचायतों में भी विकास योजनाएं बनाने और उन्हें लागू करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
पंचायतों को मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता
सीएम यादव ने सरपंचों की महत्ता पर जोर देते हुए कहा, “जो काम सपंच कर सकता है, वो कोई नहीं कर सकता। जमीन पर काम सरपंच करता है, इसलिए पंचायतों को मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है।” उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर ग्राम पंचायत (Gram Panchayat) में विकास कार्यों के साथ शांति धाम स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। पंचायतों के माध्यम से रोजगार आधारित उद्योगों की स्थापना कर ग्राम स्वावलंबन (Village Self-reliance) को भी सशक्त बनाया जा रहा है।
ग्राम विकास में सरपंचों की भूमिका
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था (Three-tier Panchayati Raj System) में सरपंच के पास पर्याप्त शक्तियां हैं। सरपंच अपनी पंचायत को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं। उन्होंने कहा, “सरपंचों के माध्यम से ही प्रदेश में ग्राम विकास का कारवां (Rural Development Campaign) चल रहा है। ग्राम स्तर पर सभी कल्याणकारी योजनाओं और विकास गतिविधियों का क्रियान्वयन पंचायतों के माध्यम से ही हो रहा है।”
