“ना डरेंगे, ना झुकेंगे”: बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने Delhi Blast के दोषियों के लिए मांगी फांसी
बागेश्वर (dailyhindinews.com): दिल्ली (Delhi) में लालकिला मेट्रो स्टेशन (Red Fort Metro Station) के पास हुए कार विस्फोट (Car Blast) को लेकर बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस आतंकी हमले (Terror Attack) के दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग करते हुए घटना को घोर निंदनीय और अमानवीय करार दिया।
धमाके को बताया कट्टरपंथी विचारधारा का परिणाम
उत्तराखंड के बागेश्वर में मीडिया से बात करते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Baba Bageshwar) ने कहा कि जब भी देश में धमाके हुए हैं, वे कट्टरपंथी मजहबी विचारधारा के लोगों द्वारा किए गए हैं। उन्होंने कहा, “जो भी धमाके हुए, वह कहीं न कहीं एक कट्टरपंथी मजहबी विचारधारा के लोगों ने किए और हमेशा भारत माता व सनातन को टारगेट बनाकर किए। कल जो हुआ, घोर निंदनीय और अमानवीय है।” शास्त्री ने विस्फोट में मारे गए लोगों के लिए शोक-संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने मौन भी धारण किया। उन्होंने सरकार से मांग की कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों को फांसी की सजा दी जाए।
सनातनियों की एकता पर दिया जोर
धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) ने कहा कि कट्टर-मजहबी विचारधारा पर लगाम लगाने के लिए सनातनियों को एकजुट होना होगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “तुम कितना भी भारतीयों को डराने की कोशिश करो, सनातनियों को डराने की कोशिश करो, ना हम डरेंगे, ना हम रुकेंगे, ना हम झुकेंगे।” पदयात्रा (Padyatra) के पांचवें दिन अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि जब तक भारतीयों और सनातनियों में एकता नहीं होगी, तब तक वे पदयात्राएं करते रहेंगे। उन्होंने कहा, “आतंकवादी इस प्रकार के मंसूबों से बाज नहीं आ रहे। हम भारत को भविष्य में सुरक्षित देखना चाहते हैं और उसके लिए संगठन और एकता जरूरी है।”
दिल्ली धमाके की पृष्ठभूमि
सोमवार 10 नवंबर को शाम करीब 7 बजे दिल्ली के सुभाष मार्ग ट्रैफिक सिग्नल (Subhash Marg Traffic Signal) पर लालकिला मेट्रो स्टेशन के पास एक हुंडई i20 कार में उच्च-तीव्रता का विस्फोट (High-Intensity Blast) हुआ। इस हादसे में अबतक कम से कम 12 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हैं। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।
NIA को सौंपी गई जांच
दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने कोतवाली थाने में UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम), विस्फोटक अधिनियम (Explosive Act) और भारतीय न्याय संहिता (Indian Penal Code) के तहत मामला दर्ज किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (Union Home Ministry) ने इस संवेदनशील मामले की जांच NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी/National Investigation Agency) को सौंप दी है।
