पीएम मोदी का आज शाम 5 बजे राष्ट्र को संबोधन : GST सुधारों से पहले बड़ी बात
जानें PM Modi Address to Nation का असली कारण
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) आज रविवार, 21 सितंबर को शाम 5 बजे देश के नाम संबोधन (PM Modi address to nation) करेंगे। यह भाषण विशेष महत्व का है क्योंकि इसके अगले दिन, 22 सितंबर से GST (Goods and Services Tax) सुधार लागू हो रहे हैं।
पिछला राष्ट्र संवाद और वजहें
पीएम मोदी का पिछला भाषण इस साल मई में भारत-पाकिस्तान के बीच “दोतरफा समझौते” (Bilateral Understanding India Pakistan) के बाद आया था, जब पहलगाम आतंकवादी हमले (Pahalgam terror attack) के बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव हुआ था। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के जरिए जवाब दिया था।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने नोटबंदी (Demonetisation), विवादित कृषि कानूनों (Farm Laws) और कोविड-19 महामारी (COVID-19 Pandemic) के समय भी देश को संबोधित किया था।
भारत के लिए अहम समय
इस बार का संबोधन उस समय हो रहा है जब भारत GST दरों में कटौती (GST rate cuts) लागू करने जा रहा है। यह बदलाव नवरात्रि (Navaratri) के पहले दिन से प्रभावी होगा। इसके साथ ही अमेरिका से व्यापार की टकराव की नौटंकी और H-1B वीजा आवेदन शुल्क (US H-1B visa fee hike) में वृद्धि जैसी चुनौतियां भी हैं।
GST में बड़े बदलाव, कीमतों में आएगी राहत
GST प्रणाली में अब बड़ा बदलाव होगा, जिसमें अधिकांश वस्तुओं और सेवाओं (Goods and Services) पर दो-स्तरीय कर संरचना (Two-tier GST structure) लागू की जाएगी। इसमें 5% और 18% की दर से कर लगेगा।
अल्ट्रा लक्जरी वस्तुओं (Ultra Luxury Items) पर 40% कर लगाया जाएगा, जबकि तम्बाकू और उससे जुड़े उत्पाद (Tobacco products) 28% की दर और सेस के तहत रहेंगे।
चार स्लैब की जगह दो-स्तरीय कर संरचना Two-tier GST structure
पहले GST चार स्लैबों (Previous Four GST Slabs) में लगाए जाते थे: 5%, 12%, 18%, और 28%। इसके अलावा, लक्जरी वस्तुओं और नशा उत्पादों पर सेस भी लागू होता था। इन बदलावों से उपभोक्ताओं (Consumers) को कीमतों में काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
इस संबोधन का समय महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री के संबोधन के संभावित विषय सूची में एच1बी वीज़ा धारकों पर अमेरिका की कार्रवाई भी शामिल है, जिसका असर अमेरिका में काम कर रहे भारतीय तकनीकी विशेषज्ञों के एक बड़े वर्ग पर पड़ेगा। वाशिंगटन डीसी के साथ नई दिल्ली के टैरिफ विवाद में अन्य विकल्पों में से एक यह भी है।
एच-1बी वीज़ा h1b1 visa latest news
ए,च-1बी वीज़ा (h1b1 visa) लंबे समय से अमेरिका में रहने और काम करने के लिए विशिष्ट कौशल वाले विदेशी नागरिकों के लिए एक बेहद प्रतिष्ठित रोज़गार वीज़ा रहा है, और ट्रम्प प्रशासन के हालिया अनुरोधों ने इस कार्यक्रम पर और अधिक ध्यान आकर्षित किया है।
एच-1बी वीज़ा के लिए आवेदन करने या उसका नवीनीकरण कराने वाले लोगों से अधिक जानकारी के अनुरोध आव्रजन को लेकर बढ़ते तनाव के बीच आए हैं क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प देश में अवैध रूप से रह रहे लोगों के बड़े पैमाने पर निर्वासन के अपने वादे को पूरा करना चाहते हैं।
ट्रम्प का अधिकांश एजेंडा देश में अवैध रूप से रह रहे लोगों को गिरफ्तार करने या बाइडेन-युग के अस्थायी निर्वासन संरक्षण को खत्म करने पर केंद्रित रहा है।
