MP Politics शिवराज सिंह चौहान के भाजपा अध्यक्ष बनने की अटकलें तेज, सुरक्षा बढ़ाने से मचा सियासी घमासान
भोपाल: केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) के भोपाल स्थित आवास की सुरक्षा शनिवार को अचानक बढ़ा दी गई। इस कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं कि ‘मामा’ को जल्द ही भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष (BJP National President) बनाया जा सकता है। हालांकि, उनके करीबी सूत्रों ने इस घटनाक्रम पर अधिक महत्व न देने की सलाह दी है।
2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव (MP Assembly Elections) में भाजपा (BJP) की प्रचंड जीत के बावजूद शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री पद नहीं दिया गया। प्रदेश की बागडोर डॉ. मोहन यादव (Mohan Yadav) को सौंपी गई और शिवराज को दिल्ली बुलाकर केंद्रीय कृषि मंत्री (Agriculture Minister) बनाया गया। तभी से यह माना जा रहा था कि पार्टी संगठन में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
शिवराज को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के 3 बड़े कारण
संगठन और सरकार का गहरा अनुभव
शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश में चार बार मुख्यमंत्री (Chief Minister) रह चुके हैं। उनके पास संगठन (Organization) और सरकार (Government) दोनों को संभालने का व्यापक अनुभव है। भाजपा के लिए ऐसा अनुभवी नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए आदर्श विकल्प हो सकता है जो संगठनात्मक कार्य को गहराई से समझता हो।
‘मामा’ की जनप्रिय छवि
शिवराज की ‘मामा’ (Mama) की सरल और जमीनी छवि उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों (Rural Areas), महिलाओं (Women) और गरीब वर्ग (Poor Class) के बीच अत्यधिक लोकप्रिय बनाती है। वे एक गैर-विवादित नेता (Non-controversial Leader) के रूप में जाने जाते हैं, जो पार्टी के विस्तार (Party Expansion) में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
ओबीसी समीकरण का लाभ
शिवराज सिंह चौहान ओबीसी वर्ग (OBC Community) से आते हैं। मध्य भारत (Central India) खासकर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) और राजस्थान (Rajasthan) बेल्ट में पिछड़ा वर्ग की बड़ी आबादी है। उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से भाजपा को ओबीसी वोट बैंक (OBC Vote Bank) और हिंदी पट्टी (Hindi Belt) में संगठनात्मक मजबूती मिल सकती है।
क्या कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिवराज की नियुक्ति पार्टी के लिए रणनीतिक कदम साबित हो सकती है। उनकी स्वीकार्यता (Acceptability) और जनाधार (Mass Base) आगामी चुनावों में भाजपा को लाभ पहुंचा सकता है।
सुरक्षा कारणों से बढ़ाई गई सिक्योंरिटी
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार शिवराज सिंह चौहान को पहले से ही Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, जो देश में सबसे ऊंची सुरक्षा श्रेणियों में मानी जाती है। इसके बावजूद ताजा खुफिया इनपुट को गंभीरता से लेते हुए उनकी सुरक्षा में और इजाफा किया गया है. Z+ सुरक्षा के तहत एनएसजी कमांडो सहित कुल करीब 55 प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी उनकी सुरक्षा में तैनात रहते हैं।
गृह मंत्रालय ने क्या दिया निर्देश?
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले में मध्य प्रदेश के डीजीपी, दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (सुरक्षा) और मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मंत्री की सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और खुफिया जानकारी के आधार पर समय-समय पर सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की जा रही है। फिलहाल किसी विशेष खतरे को लेकर सार्वजनिक तौर पर कोई जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।
