MP News गोबर से बनाया प्राकृतिक पेंट : गांव की महिलाओं ने खड़ा किया इको फ्रेंडली बिजनेस मॉडल
ग्वालियर: ग्रामीण महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने और पर्यावरण संरक्षण (Environmental Protection) की दिशा में एक अनूठी पहल ग्वालियर जिले से सामने आई है। यहां स्व-सहायता समूह (Self-Help Group) की महिलाओं ने गोबर से इको-फ्रेंडली पेंट (Eco-Friendly Paint) बनाकर महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) की नई परिभाषा गढ़ी है।
स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने बदली अपनी किस्मत
ग्वालियर जिले के भितरवार विकासखंड (Development Block) के ग्राम करहिया में गठित खेड़ापति स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों ने आजीविका मिशन (Livelihood Mission) के माध्यम से गोबर से प्राकृतिक पेंट (Natural Paint) बनाने का अभिनव कार्य शुरू किया है। यह पहल न केवल उनकी आर्थिक स्थिति (Economic Condition) में सुधार ला रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान (Contribution) दे रही है।
क्यों खास है यह प्राकृतिक पेंट?
इस प्राकृतिक पेंट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी भी प्रकार के हानिकारक रसायन (Harmful Chemicals) का उपयोग नहीं होता। गोबर से बना यह पेंट पूरी तरह से पर्यावरण-अनुकूल (Environment-Friendly) और स्वास्थ्य (Health) के लिए सुरक्षित है।
पेंट की प्रमुख विशेषताएं
- पूर्णतः प्राकृतिक और रासायन मुक्त
- मात्र 4 घंटे में पूरी तरह सूख जाता है
- दीवारों को आकर्षक और टिकाऊ रंग प्रदान करता है
- पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए सुरक्षित
प्रशासन का सहयोग बना प्रेरणा
जिला कलेक्टर (District Collector) श्रीमती रुचिका चौहान ने इस पहल को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने समूह की महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण (Technical Training) और विपणन (Marketing) में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया। प्रशासन अब इस उत्पाद (Product) को सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में भी उपयोग के लिए बढ़ावा दे रहा है।
आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
समूह की सक्रिय सदस्य श्रीमती संध्या अपने अनुभव साझा करते हुए कहती हैं, “पहले हम केवल घर की चारदीवारी तक सीमित थीं। आज अपने हाथों से बने पेंट को बेचकर अच्छा मुनाफा (Profit) कमा रहे हैं। इससे बच्चों की शिक्षा (Education) और घर के खर्चों में मदद मिल रही है।” उनका कहना है कि प्राकृतिक पेंट बनाने की ट्रेनिंग (Training) से उन्हें नया हुनर मिला है और लोगों की सराहना उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
‘लोकल फॉर वोकल’ को मिली नई दिशा
मुख्यमंत्री (Chief Minister) डॉ. मोहन यादव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल फॉर वोकल’ (Local for Vocal) के मंत्र और महिला सशक्तिकरण के संकल्प को प्रदेश की महिलाओं ने सार्थक कर दिखाया है।
उन्होंने कहा, “ग्वालियर की आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने बड़ी, पापड़, अगरबत्ती और अचार से आगे बढ़कर गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण की अनूठी पहल कर महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।”
रोजगार और पर्यावरण का सुंदर संगम
यह पहल स्थानीय स्तर (Local Level) पर रोजगार सृजन (Employment Generation) और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प दोनों साबित हो रही है। समूह की महिला सदस्य आर्थिक रूप से सशक्त (Economically Empowered) हो रही हैं और साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी अपना योगदान दे रही हैं।
