Bundelkhand News छतरपुर में अवैध खनन पर 73 करोड़ का जुर्माना, कलेक्टर ने की सख्त कार्रवाई
छतरपुर/सागर: बुंदेलखंड क्षेत्र में सागर संभाग के छतरपुर जिले के कलेक्टर (Collector) पार्थ जैसवाल ने अवैध खनिज उत्खनन (Illegal Mining) के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के मेसर्स भाऊ स्टोन मिल कबरई (Bhau Stone Mill Kabrai) पर 73 करोड़ 44 लाख रुपए का भारी भरकम जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश खनिज नियम 2022 (MP Mineral Rules 2022) के तहत की गई है।
स्वीकृत क्षेत्र से बाहर हुआ अवैध खनन
जिला प्रशासन (District Administration) द्वारा गठित संयुक्त टीम ने ग्राम बदौराकला, तहसील गौरिहार (Gaurihaar Tehsil) के खसरा नंबर 1155 में सीमांकन कार्य (Demarcation Work) किया। जांच में पाया गया कि स्वीकृत खदान क्षेत्र (Approved Mining Area) के बाहर लगभग 1.020 हेक्टेयर क्षेत्र में अनावेदक द्वारा अवैध खनन (Unauthorized Mining) किया गया था। कुल 7.009 हेक्टेयर में से 3.009 हेक्टेयर क्षेत्र स्वीकृत था, लेकिन उससे बाहर भी खनन कार्य जारी था।
साल 2021 से चल रही थी सुनवाई
कलेक्टर न्यायालय (Collector Court) में 2021 से लगातार सुनवाई के बाद यह निर्णय लिया गया। खनिज निरीक्षक प्रतिवेदन (Mining Inspector Report), तहसीलदार प्रतिवेदन, राजस्व निरीक्षक रिपोर्ट (Revenue Inspector Report), मौके का पंचनामा और नक्शा जैसे दस्तावेजों के आधार पर यह साबित हुआ कि बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन हुआ है।
रॉयल्टी का 15 गुना लगाया जुर्माना
मध्य प्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम 2022 (MP Mineral Prevention of Illegal Mining Rules) की धारा 18 उपनियम (1) व (2) के अनुसार 2,04,000 घनमीटर पत्थर का अवैध उत्खनन किया गया। रॉयल्टी दर (Royalty Rate) 120 रुपए प्रति घनमीटर के हिसाब से कुल रॉयल्टी राशि 2 करोड़ 44 लाख 80 हजार रुपए बनती है। इसका 15 गुना अर्थदंड (Penalty Amount) यानी 36 करोड़ 72 लाख रुपए लगाया गया है। इस प्रकार कुल 73 करोड़ 44 लाख रुपए की शास्ति अधिरोपित की गई है।
वसूली की कार्रवाई शुरू
कलेक्टर ने जिला खनिज अधिकारी छतरपुर (District Mining Officer Chhatarpur) को निर्देश दिए हैं कि अधिरोपित शास्ति को प्रशमन शुल्क पंजी (Compounding Fee Register) में दर्ज करते हुए वसूली की कार्रवाई (Recovery Action) सुनिश्चित की जाए। पूरी राशि की वसूली के बाद ही प्रकरण का प्रशमन (Compounding) किया जा सकेगा। वसूली गई राशि शासकीय कोष (Government Treasury) में जमा कराई जाएगी।
