MP News नवाचार: हेलीकॉप्टर और बोमा तकनीक के जरिये सैकड़ों वन्य जीवों का सफल स्थानांतरण
भोपाल: मध्य प्रदेश के शाजापुर और उज्जैन क्षेत्र में किसानों की फसलों को वन्य जीवों से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए एक अभिनव अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया। इस अभियान में हेलीकॉप्टर (Helicopter) और बोमा (Boma) तकनीक का उपयोग करके 913 वन्य जीवों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित क्षेत्रों में पुनर्वासित (Translocation) किया गया।
दक्षिण अफ्रीकी विशेषज्ञों ने किया अभियान में सहयोग
इस मिशन में दक्षिण अफ्रीका की कंपनी ‘कंजरवेशन सॉल्यूशंस’ के 15 विशेषज्ञों ने मध्य प्रदेश वन विभाग की टीम को प्रशिक्षित किया और उनके साथ मिलकर 10 दिन तक काम किया। रॉबिन्सन-44 हेलीकॉप्टर की मदद से पहले खुले क्षेत्रों में जानवरों की स्थिति का सर्वेक्षण किया गया। इसके बाद, एक विशेष बोमा (Boma) बनाया गया, जो एक फनल के आकार की घास और जाल से ढकी हुई बाड़ होती है। हेलीकॉप्टर से हल्का हांका लगाकर जानवरों को इस बोमा में सुरक्षित रूप से प्रवेश कराया गया और फिर उन्हें वाहनों से गांधीसागर, कूनो और नौरादेही अभयारण्य में ले जाकर छोड़ दिया गया।
913 वन्य जीव सुरक्षित पहुंचे नए आवास
इस अभियान में कुल 846 कृष्णमृग (Blackbuck) और 67 नीलगाय (Bluebull) को सफलतापूर्वक स्थानांतरित किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी जानवर को बेहोश (Tranquilize) करने की आवश्यकता नहीं पड़ी, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हुई। सभी जानवर अब अपने नए प्राकृतिक आवासों में स्वतंत्रतापूर्वक विचरण कर रहे हैं।
किसानों के चेहरों पर आई राहत
इस सफल पुनर्वास अभियान (Relocation Drive) का सीधा लाभ स्थानीय किसानों को मिला है। नीलगाय और कृष्णमृगों द्वारा फसलों को पहुंचाए जाने वाले नुकसान में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे किसानों की आर्थिक हानि कम हुई है और मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) को कम करने में मदद मिली है।
भविष्य की रणनीति और प्रशंसा
वन विभाग ने इस अभियान के दौरान एक विशेष प्रशिक्षित दल तैयार किया है, जो भविष्य में राज्य के अन्य जिलों में भी ऐसे कैप्चर ऑपरेशन (Capture Operations) चलाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अभियान को “वन्य जीव संरक्षण और किसान हित में एक ऐतिहासिक कदम” बताया और वन विभाग की टीम की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने बताया एक ऐतिहासिक कदम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “यह अभियान वन्य जीव संरक्षण और किसानों की सुरक्षा, दोनों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। मध्यप्रदेश में हम ऐसा संतुलन स्थापित करना चाहते हैं जहाँ प्रकृति, वन्य जीव और किसान, तीनों सामंजस्य के साथ आगे बढ़ें।” उन्होंने वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा टीम ने दीपावली के दौरान भी इस अभियान में हिस्सा लिया, जो उनके सेवा और वन्य जीव संरक्षण के प्रति समर्पण भाव का प्रतीक है।
