पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की गिरफ्तारी पर विवाद, पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका
नई दिल्ली: लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की गिरफ्तारी (Arrest) को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंगमो (Geetanjali J Angmo) ने इस गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में चुनौती दी है और बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (Habeas Corpus Petition) दायर की है।
सोनम को 24 सितंबर को लद्दाख (Ladakh) में हिंसा (Violence) भड़काने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) (National Security Act – NSA) के तहत गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वे राजस्थान (Rajasthan) के जोधपुर जेल (Jodhpur Jail) में बंद हैं। जेल प्रशासन ने उनकी सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं और जेल में सीसीटीवी निगरानी (CCTV Surveillance) भी जारी है।
पत्नी का संघर्ष, राष्ट्रपति से लगाई गुहार
गीतांजलि ने सुप्रीम कोर्ट में खुलासा किया कि पिछले चार वर्षों से सोनम वांगचुक लोगों के हित में काम कर रहे थे, लेकिन उन्हें बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) से भी हस्तक्षेप की मांग की है। गीतांजलि ने कहा, “हम बिना शर्त उनकी रिहाई की मांग करते हैं क्योंकि वे न केवल देश के लिए बल्कि किसी के लिए भी खतरा नहीं हैं।”
गिरफ्तारी के बाद हिंसा और प्रदर्शन
दो दिन पहले लेह एपेक्स बॉडी (Leh Apex Body – LAB) ने बंद का आह्वान किया था, जिसके दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई, जिसमें चार लोगों की मौत और कई के घायल होने की खबर है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि लद्दाख को राज्य का दर्जा (Statehood) मिले और इसे छठी अनुसूची (Sixth Schedule) में शामिल किया जाए।
न्यायिक जांच और मुआवजे की मांग
लद्दाख बौद्ध संघ (Ladakh Buddhist Association – LBA) और अखिल लद्दाख गोंपा संघ (All Ladakh Gonpa Association – ALGA) ने संयुक्त बयान जारी करते हुए प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की निष्पक्ष जांच (Impartial Judicial Probe) और पीड़ितों के आश्रितों को उचित मुआवजा (Compensation) दिए जाने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की जल्द रिहाई की भी अपील की है।
