MP News मध्यप्रदेश खनन क्षेत्र (Mining Sector) सुधार में अग्रणी राज्य, खनन तत्परता सूचकांक में नंबर-1, SMRI रैंकिंग
भोपाल: मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) ने खनन क्षेत्र (Mining Sector) में अपनी उत्कृष्टता को पुनः साबित करते हुए देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया है। केन्द्रीय खान मंत्रालय (Ministry of Mines) ने गुरुवार को राज्य खनन तत्परता सूचकांक (State Mining Readiness Index) और राज्य रैंकिंग (State Ranking) जारी की। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) के दूरदर्शी नेतृत्व और खनन क्षेत्र को उत्तरदायी एवं औद्योगिक विकास (Industrial Development) का केन्द्र बनाने की उनकी प्राथमिकता का परिणाम है।
खनन क्षेत्र सुधारों में बढ़त
राज्य सरकार द्वारा खनन क्षेत्र में किये गये सुधार, आधुनिकीकरण (Modernization) और सतत विकास (Sustainable Development) के प्रयासों की यह बड़ी सफलता है। एसएमआरआई (SMRI) के तहत राज्यों को खनिज भण्डार (Mineral Reserves) के आधार पर तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। श्रेणी-ए (Category-A) में शीर्ष तीन स्थान पर मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात हैं। श्रेणी-बी में गोवा, उत्तर प्रदेश और असम तथा श्रेणी-सी में पंजाब, उत्तराखण्ड और त्रिपुरा शामिल हैं।
नीलामी में प्रदेश की अग्रणी भूमिका
मध्यप्रदेश खनिज नीलामी (Mineral Auction) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य ने बड़े पैमाने पर खनिज ब्लॉकों (Mineral Blocks) की नीलामी कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया। हाल ही में क्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals) की नीलामी में केंद्र सरकार की नीति को लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना। खनिज ब्लॉकों की सर्वाधिक नीलामी के लिए भारत सरकार ने प्रदेश को सम्मानित भी किया है।
औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान
मध्यप्रदेश खनन और खनिज संसाधनों (Mineral Resources) के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केन्द्र बन गया है। खनिजों की प्रचुरता और राज्य सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों (Investment-Friendly Policies) के कारण प्रदेश देश की औद्योगिक प्रगति में अहम भूमिका निभा रहा है। खनन क्षेत्र की उपलब्धियों से राज्य की अर्थव्यवस्था (State Economy) मजबूत हो रही है।
राज्य खनन तत्परता सूचकांक का उद्देश्य
केन्द्रीय खान मंत्रालय ने खनन क्षेत्र में राज्य स्तरीय सुधारों को प्रोत्साहित करने के लिये राज्य खनन तत्परता सूचकांक और राज्य रैंकिंग जारी की है। इसकी घोषणा केन्द्रीय बजट (Union Budget) 2025-26 में की गई थी। नीलामी, खनन पट्टों (Mining Leases) का शीघ्र संचालन, अन्वेषण (Exploration) और सतत खनन जैसे प्रमुख मानकों के आधार पर राज्यों का मूल्यांकन किया गया है।
