Bundelkhand News अवैध पत्थर खनन का मामला, कांग्रेस नेता श्रीकांत दीक्षित पर 124 करोड़ रुपए का जुर्माना
सागर: पन्ना जिले (Panna News) में एक बड़ी कार्रवाई के तहत कलेक्टर न्यायालय (Panna Collector Court) ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महामंत्री श्रीकांत दीक्षित पर एक अरब 24 करोड़ 55 लाख 85 हजार 600 रुपए का भारी जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई अवैध पत्थर खनन (Illegal Stone Mining) के मामले में की गई है।
मामले की पूरी जानकारी Illegal Stone Mining
डायमंड स्टोन क्रशर (Diamond Stone Crusher) के मालिक श्रीकांत दीक्षित पर आरोप है कि उन्होंने गुनौर तहसील के बिलघाड़ी क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से पत्थर खनन का काम किया है। इस मामले की जांच उपसंचालक खनिज प्रशासन पन्ना (Deputy Director Mineral Administration Panna) और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गुन्नौर द्वारा की गई थी।
Stone Mining में रॉयल्टी की चोरी का मामला
जांच में सामने आया है कि श्रीकांत दीक्षित ने केवल 99 हजार 300 घन मीटर की रॉयल्टी (Royalty) जमा कराई थी, जबकि वास्तव में 2 लाख 72 हजार 298 घन मीटर में उत्खनन किया गया था। इससे साफ पता चलता है कि करोड़ों रुपए की रॉयल्टी की चोरी हुई है।
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कलेक्टर न्यायालय Collector Court का फैसला
कलेक्टर न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि आरोपी को मामले की शुरुआत से ही पता था कि अवैध उत्खनन (Illegal Mining) के खिलाफ उनके पास कोई ठोस सबूत नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने लगातार न्यायालय के आदेशों की अवमानना की और मामले को लटकाने की कोशिश की। न्यायालय ने उपसंचालक खनिज प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे जुर्माने की राशि कांग्रेस नेता से वसूलकर सरकारी खजाने में जमा करवाएं।
Illegal Stone Mining शिकायत की पूरी कहानी
इस मामले की शुरुआत पन्ना कलेक्टर के पास आई एक शिकायत से हुई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि मेसर्स डायमंड स्टोन क्रशर के मालिक श्रीकांत दीक्षित ने स्वीकृत क्षेत्र से कहीं ज्यादा बड़े इलाके से पत्थर निकलवाया है। शिकायत में यह भी कहा गया था कि “पन्ना से लेकर भोपाल तक दीक्षित का कोई काम नहीं रुकता है।” शिकायत मिलने के बाद विभाग ने गहरी जांच की। जांच में सभी आरोप सही पाए गए, जिसके बाद कलेक्टर ने सख्त कार्रवाई करते हुए यह भारी जुर्माना लगाया है।
मुख्य बिंदु: Illegal Stone Mining पर एक नजर
- जुर्माना: 124 करोड़ 55 लाख रुपए
- आरोपी: कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महामंत्री श्रीकांत दीक्षित
- मामला: अवैध पत्थर खनन और रॉयल्टी चोरी
- स्थान: गुनौर तहसील, बिलघाड़ी, पन्ना जिले
बुंदेलखंड (Bundelkhand) के पन्ना जिले (Panna) पर एक नजर: डेली हिंदी न्यूज़ संदर्भ
Bundelkhand का पन्ना जिला, मध्य प्रदेश के सागर संभाग में स्थित एक ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व वाला जिला है। यह जिला अपनी हीरों की खान (Diamond mines) के लिए देशभर में प्रसिद्ध है, जिससे इसे ‘हीरा नगरी’ (Diamond City) के नाम से भी जाना जाता है। पन्ना जिले का मुख्यालय भी पन्ना शहर है, जो बुंदेलखंड क्षेत्र का हिस्सा है।
पन्ना का इतिहास बहुत पुराना है और इसे बुंदेला (Bundela) शासक राजा छत्रसाल (Chhatrasaal) ने 17वीं सदी में अपनी राजधानी बनाया था। यह क्षेत्र प्राचीन मंदिरों के लिए भी जाना जाता है, जिनमें प्राणनाथ मंदिर और बलदेवजी मंदिर प्रमुख हैं। पन्ना को इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के कारण ‘मंदिरों की नगरी’ (Temple City) भी कहा जाता है।
जिले में पन्ना राष्ट्रीय उद्यान (Panna National Park) स्थित है, जो एक महत्वपूर्ण टाईगर रिजर्व (tiger reserve) है। यहां दुर्लभ वन्यजीव और पक्षी पाए जाते हैं, जो इसे पर्यटन के लिए आकर्षक बनाते हैं। केन नदी (Ken River) इस राष्ट्रीय उद्यान से होकर बहती है, जो प्राकृतिक सुंदरता को और बढ़ाती है।
पन्ना की अर्थव्यवस्था में हीरों के अलावा कृषि का भी बड़ा योगदान है। यहाँ मुख्य रूप से चावल, गेहूं, ज्वार, तिलहन जैसी फसलें उगाई जाती हैं। इसके अलावा हथकरघा, वस्त्र निर्माण, और मत्स्यपालन भी जिले के प्रमुख उद्योग हैं।
जनसंख्या के मामले में पन्ना का जनघनत्व लगभग 140 प्रति वर्ग किलोमीटर है और यहाँ की मुख्य भाषा हिंदी है। जिले में 1000 से अधिक गाँव हैं, जो इसकी ग्रामीण आबादी को दर्शाते हैं।
पन्ना जिला अपनी समृद्ध खनिज संपदा, समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक संसाधनों के लिए जाना जाता है, जो इसे मध्य प्रदेश के प्रमुख जिलों में एक खास स्थान प्रदान करता है।
