MP News छात्राओं के लिए UN Women के साथ ऐतिहासिक समझौता, मिलेंगे सुरक्षा, कौशल और रोजगार के नए अवसर
भोपाल: मध्य प्रदेश की उच्च शिक्षा में छात्राओं के लिए एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग और संयुक्त राष्ट्र संस्था यूएन वीमेन (UN Women) के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए हैं। इसका मुख्य लक्ष्य राज्य के कॉलेजों को जेंडर-संवेदी (Gender-Sensitive), अधिक सुरक्षित और रोजगारपरक बनाना है।
कैंपस सुरक्षा और संवेदनशीलता पर विशेष फोकस (Campus Safety and Gender Sensitivity)
इस साझेदारी के तहत प्रदेश के सभी कॉलेजों में छात्राओं की सुरक्षा (Safety of Female Students) को सुनिश्चित करने के लिए मजबूत तंत्र विकसित किए जाएंगे। शिक्षकों और कर्मचारियों को संवेदनशीलता प्रशिक्षण (Sensitivity Training) दिया जाएगा तथा जेंडर-समावेशी नीतियाँ (Gender-Inclusive Policies) लागू की जाएंगी। इससे छात्राओं को सुरक्षित और अनुकूल शैक्षणिक माहौल मिलेगा।
रोजगार से जोड़ने वाले कौशल पर होगा जोर (Skill Development for Employment)
यह पहली बार है जब यूएन वीमेन किसी राज्य के कौशल-आधारित पाठ्यक्रम (Skill-Based Curriculum) में सीधे सहयोग करेगी। छात्राओं को डिजिटल साक्षरता, तकनीकी कौशल, संचार एवं नेतृत्व क्षमता जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जाएंगे। साथ ही, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और उद्योग-आधारित प्रशिक्षण के जरिए उन्हें सीधे निजी क्षेत्र से जोड़ने के अवसर बढ़ेंगे।
तीन साल के लिए है यह समझौता (Three-Year Collaboration)
यह एमओयू तीन वर्ष के लिए लागू रहेगा, जिसे आवश्यकता पर दो साल तक बढ़ाया भी जा सकेगा। दोनों पक्षों द्वारा नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो जमीनी स्तर तक कार्यक्रमों के समन्वय को सुचारु रखेंगे।
यह कदम मध्य प्रदेश को देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल करता है, जहाँ उच्च शिक्षा में लैंगिक समानता (Gender Equality in Education) और छात्रा सशक्तिकरण (Women Empowerment) को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सहयोग से गति दी जा रही है। आने वाले वर्षों में इससे प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सकारात्मक बदलाव देखने को मिलने की उम्मीद है।
