MP News मध्य प्रदेश में औषधि गुणवत्ता निगरानी होगी मजबूत, टेस्टिंग क्षमता चार गुना बढ़ाने के निर्देश
भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में औषधियों की गुणवत्ता (Drug Quality) सुनिश्चित करने के लिए निगरानी तंत्र को मजबूत बनाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल (Deputy Chief Minister Rajendra Shukla) ने औषधि परीक्षण (Drug Testing) की क्षमता को चार गुना बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चिकित्सा अमले की शीघ्र नियुक्ति पर भी जोर दिया गया है।
टेस्टिंग लैब को मिलेंगे आधुनिक उपकरण
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मंत्रालय में औषधि गुणवत्ता मॉनिटरिंग संरचना (Drug Quality Monitoring Structure) के सुदृढ़ीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं (Health Services) के सशक्तीकरण से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना विकास, टेस्टिंग लैब (Testing Lab) के लिए अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता तथा पर्याप्त मैनपावर (Manpower) सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
267 चिकित्सकों की नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी
उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकीय मैनपावर की नियुक्ति प्रक्रिया (Appointment Process) की समीक्षा करते हुए चयनित चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों (Doctors and Specialists) को शीघ्र पदस्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अन्य राज्यों में प्रचलित मॉडलों का अध्ययन कर मेडिकल ऑफिसर (Medical Officer) और विशेषज्ञों की भर्ती प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और तेज बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा। बैठक में बताया गया कि विगत माह 267 चिकित्सकों और विशेषज्ञों की चयन प्रक्रिया के परिणाम जारी किए गए हैं। इनमें से 243 की काउंसलिंग पूर्ण हो चुकी है, 7 की पोस्टिंग हो चुकी है तथा 17 की काउंसलिंग प्रक्रिया जारी है।
गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता पर जोर
राज्य मंत्री लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा नरेंद्र शिवाजी पटेल (Narendra Shivaji Patel) ने कहा कि औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं (Drug Testing Laboratories) को आधुनिक तकनीक और पर्याप्त विशेषज्ञ स्टाफ से सुसज्जित किया जा रहा है ताकि राज्य में गुणवत्तापूर्ण दवाओं (Quality Medicines) की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। बैठक में संचालक स्वास्थ्य एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Food and Drug Administration) दिनेश श्रीवास्तव सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
