MP News कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कांफ्रेंस में जनकल्याण पर मंथन : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
भोपाल (dailyhindinews.com): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कांफ्रेंस (Collectors-Commissioners Conference) जन कल्याण के विषयों पर मंथन की दृष्टि से सार्थक रही। उन्होंने कहा कि विकसित भारत (Viksit Bharat) के संकल्प को साकार करने के लिए सभी अधिकारी-कर्मचारी सुशासन (Good Governance) की व्यवस्था के तहत कदम से कदम मिलाकर चलें।
नवाचार और सुशासन की पहल
डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में गत दो वर्षों में कई प्रमुख नवाचार हुए हैं, जिनमें एयर एंबुलेंस सेवा की शुरुआत, स्वतंत्रता दिवस पर जिला स्तर पर मंत्रीगण द्वारा जिले के विकास पर केंद्रित भाषण, औद्योगीकरण को प्राथमिकता, केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध नदी जोड़ो परियोजनाओं की बाधाओं का निवारण, पर्यटन हवाई सेवा और ड्रोन तकनीक (Drone Technology) को बढ़ावा देना प्रमुख हैं। साथ ही ई-पंजीयन (E-Registration) और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए सुशासन आधारित तंत्र विकसित किए गए हैं।
जनसुनवाई (Jansunwai) में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
जनप्रतिनिधियों से संवादहीनता की शिकायत नहीं आनी चाहिए।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में कलेक्टर्स और कमिश्नर्स को निम्नलिखित निर्देश दिए
- विजन-2047 के अंतर्गत प्रथम पाँच वर्षों की ठोस योजना बनाकर कार्य किया जाए।
- कलेक्टर, सीईओ, एसपी, डीएफओ जिले में एकजुट टीम भावना से कार्य करें।
- अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि विश्राम अनिवार्य रूप से करें।
- सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें।
- जनसुनवाई (Jansunwai) में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
- जनप्रतिनिधियों से संवादहीनता की शिकायत नहीं आनी चाहिए।
- जिलों में नवाचार की सतत प्रक्रिया चलती रहे।
- सुधार योग्य योजनाओं पर तत्काल कार्यवाही की जाए।
- गीता भवन योजना में गति लाकर नगरों में सामाजिक सद्भाव को प्रोत्साहन दें।
- उद्योगों के एमओयू (MOU) शीघ्र क्रियान्वित करें और बंद मिलों की भूमि का निपटान करें।
- धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) को बढ़ावा देकर जिलेवार योजनाएं बनाएं।
- लघु एवं कुटीर उद्योगों (MSME) को प्राथमिकता दी जाए।
- भू-अर्जन (Land Acquisition) की प्रक्रिया सरल बनाई जाए।
- राजस्व प्रकरणों का शीघ्र निपटान हो — जनवरी 2024 से अब तक एक करोड़ आठ लाख प्रकरण निपटाए जा चुके हैं।
- भावान्तर योजना (Bhavantar Yojana) के तहत किसानों के पंजीयन में तेजी लाई जाए।
- जैविक (Organic) और प्राकृतिक खेती (Natural Farming) को प्रोत्साहन मिले, जिलेवार बाजार तय हों।
- स्वास्थ्य क्षेत्र (Health Sector) में अस्पतालों का नियमित निरीक्षण हो तथा निजी मेडिकल कॉलेज पीपीपी मॉडल (PPP Model) में स्थापित किए जाएं।
- कुपोषण के विरुद्ध अभियान को गति दी जाए और स्वास्थ्य विभाग व महिला-बाल विकास का समन्वय बढ़ाया जाए।
- नगरीय निकायों में यातायात व्यवस्था सुधारी जाए और बड़े शहरों में फ्लाईओवर (Flyover) बनाए जाएं।
- अवैध कॉलोनियों (Illegal Colonies) पर नियंत्रण के लिए सख्त कार्यवाही की जाए।
