मुलताई का ऐतिहासिक नाम ‘मूलतापी’ हुआ पुनर्स्थापित, मुख्यमंत्री ने की घोषणा
बैतूल, 21 अक्टूबर 2023: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बैतूल जिले (Betul district) की प्रसिद्ध धार्मिक नगरी मुलताई (Multai) अब पुनः अपने प्राचीन और मूल नाम ‘मूलतापी’ (Multapi) से जानी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Dr. Mohan Yadav) ने यह ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि यह कदम इस क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान (Historical Identity) को मजबूत करेगा।
‘मूलतापी’ नाम से मिलेगी नई पहचान
मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए बताया कि ‘मूलतापी’ नाम का अर्थ है ‘ताप्ती नदी का उद्गम स्थल’ (Origin of Tapti River)। ताप्ती नदी (Tapti River) के उद्गम स्थल (Origin Place) के रूप में विख्यात इस नगर के नाम का यह परिवर्तन स्थानीय जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए किया गया है। विधायक चंद्रशेखर देशमुख द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को राज्य सरकार (State Government) ने मंजूरी दे दी है।
बैतूल में बनेगा भव्य आदिवासी संग्रहालय
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बैतूल जिले में एक भव्य आदिवासी संग्रहालय (Tribal Museum) की स्थापना की भी घोषणा की। यह संग्रहालय क्षेत्र की समृद्ध जनजातीय संस्कृति (Tribal Culture) और विरासत को संरक्षित करने तथा राष्ट्रीय पहचान दिलाने का केंद्र बनेगा।
नए मेडिकल कॉलेज का हुआ भूमिपूजन
इस कार्यक्रम के दौरान बैतूल में एक नए मेडिकल कॉलेज (Medical College) का भूमिपूजन भी संपन्न हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा (Union Health Minister JP Nadda) विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस मेडिकल कॉलेज से पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं (Health Facilities) के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा (Medical Education) के नए अवसर पैदा होंगे।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
माना जा रहा है कि ‘मूलतापी’ नाम से इस स्थान की धार्मिक महत्ता और बढ़ेगी, जिससे धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) को नई गति मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था (Local Economy) तथा रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से पूरे क्षेत्र में उल्लास का माहौल है।
