MP News मुंबई में मध्यप्रदेश सरकार ने Diplomatic Roundtable में वैश्विक निवेशकों को दिखाई संभावनाएँ
मुंबई में आयोजित एक विशेष राजनयिक संवाद (Diplomatic Roundtable) में मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में निवेश (Investment) की अत्यधिक संभावनाओं को वैश्विक स्तर पर रेखांकित किया। इस कार्यक्रम में कई देशों के काउंसल जनरल और राजनयिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रस्तुत किया ‘अवसरों का हृदय’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर मध्यप्रदेश को भारत का केवल भौगोलिक हृदय नहीं, बल्कि ‘अवसरों का हृदय’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियाँ, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और समृद्ध संसाधन वैश्विक निवेशकों के लिए बेमिसाल संभावनाएँ प्रस्तुत करते हैं।
ऊर्जा से लेकर ऑटोमोबाइल तक: प्रदेश के प्रमुख प्रोजेक्ट्स पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business), बुनियादी ढाँचे और ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने राज्य की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा, प्रदेश भारत का एक अग्रणी नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) केंद्र बन गया है, जिसमें रीवा सौर ऊर्जा परियोजना (Rewa Solar Project) और ओंकारेश्वर जलविद्युत परियोजना प्रमुख उदाहरण हैं। पीथमपुर ऑटोमोबाइल हब (Pithampur Auto Hub) और इंदौर आईटी हब (Indore IT Hub) ने राज्य को एक नई औद्योगिक पहचान दिलाई है।
‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025’ के तहत आमंत्रण
डॉ. यादव ने घोषणा की कि मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 को ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ घोषित किया है, जिसका लक्ष्य न केवल निवेश आकर्षित करना है, बल्कि युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित करना भी है। उन्होंने विदेशी प्रतिनिधियों से पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क (PM MITRA Textile Park), बीईएमएल रेल हब (BEML Rail Hub), और फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर्स (Food Processing Clusters) का प्रत्यक्ष अवलोकन करने का आग्रह किया।
वैश्विक प्रतिनिधियों ने दिखाई गहरी रुचि
इस राजनयिक संवाद के दौरान, रूस, जर्मनी, सिंगापुर, इटली, तुर्किये, न्यूज़ीलैंड, पोलैंड, मलेशिया, थाईलैंड, उज़्बेकिस्तान, केन्या, जिबूती और यूनाइटेड किंगडम सहित देशों के प्रतिनिधियों ने निवेश, द्विपक्षीय व्यापार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (Technology Transfer) जैसे विषयों पर सक्रिय चर्चा की और मध्यप्रदेश में संभावनाओं में गहन रुचि व्यक्त की। इस कार्यक्रम ने इस विश्वास के साथ समापन किया कि मध्यप्रदेश आने वाले समय में एक वैश्विक निवेश केंद्र (Global Investment Hub) के रूप में उभरेगा।
