Mp News मुख्यमंत्री ने नर्मदा में मगरमच्छ छोड़ने के बाद बताया : नौरादेही में जल्द चीते लाने की तैयारी जारी
भोपाल: मुख्यमंत्री (Chief Minister) डॉ. मोहन यादव ने खंडवा में नर्मदा नदी (Narmada River) में मगरमच्छ (Crocodile) छोड़े। इस दौरान उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश नदियों का मायका है, जहां थलचर, जलचर और नभचर सभी प्रकार के जीव स्वच्छंद रूप से जीवनयापन करते हैं। वन मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
ओंकारेश्वर के निर्जन स्थान पर छोड़े गए मगरमच्छ
ओंकारेश्वर (Omkareshwar) में नर्मदा के निर्जन इलाके में चार मादा और दो नर मगरमच्छों को उनके प्राकृतिक आवास (Natural Habitat) में छोड़ा गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में घड़ियाल और मगरमच्छ चम्बल, सोन, बरगी और अन्य नदियों में पहले से मौजूद हैं। जल का पारिस्थितिकी तंत्र (Eco-System) पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाता है।
नौरादेही अभयारण्य में जल्द छोड़े जाएंगे चीते
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चीता पुनर्स्थापन (Cheetah Reintroduction) परियोजना की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि चीता पूरे एशिया से गायब हो गया था। विश्व में कई जगह इनके पुनर्स्थापन का प्रयास हुआ, लेकिन मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में यह ऐतिहासिक कार्य सफल रहा। पहले पालपुर कूनो (Kuno National Park) और बाद में गांधी सागर (Gandhi Sagar) में चीतों को लाया गया।
उन्होंने घोषणा की कि बहुत जल्द नौरादेही (Nauradehi) एक और अभयारण्य (Wildlife Sanctuary) बनने वाला है, जहां नामीबिया (Namibia) से चीते लाकर छोड़े जाएंगे। यह वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation) की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम होगा।
