मतदाता सूची संशोधन (Summary Revision) में ओटीपी मांगना धोखाधड़ी, सीईओ ने मतदाताओं को किया सतर्क
भोपाल. मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (Chief Electoral Officer) संजीव कुमार झा ने मतदाताओं को सतर्क करते हुए स्पष्ट किया है कि एसआईआर-2026 (SIR-2026) के दौरान गणना पत्रक भरने के लिए बीएलओ (BLO) या किसी भी अन्य अधिकारी द्वारा किसी भी माध्यम से ओटीपी (OTP) मांगे जाने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) से बचने के लिए सुरक्षा उपायों का पालन करें।
कैसे प्राप्त करें मतदाता सूची (Voter List) की जानकारी
सीईओ झा ने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में स्वयं, माता-पिता या दादा-दादी संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए मतदाता अपने क्षेत्र के बीएलओ अथवा नजदीकी हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जानकारी ऑनलाइन voters.eci.gov.in या ceoelection.mp.gov.in पर भी प्राप्त की जा सकती है।
साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) से बचने के लिए अपनाएं ये सुरक्षा उपाय
निर्वाचन विभाग (Election Department) ने मतदाताओं को निम्नलिखित सुरक्षा सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
ओटीपी और व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें: एसआईआर की प्रक्रिया में निर्वाचन विभाग या किसी अधिकारी द्वारा फोन या मैसेज पर ओटीपी, आधार नंबर (Aadhaar Number), मोबाइल नंबर आदि मांगना प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है। यदि कोई इस तरह की जानकारी मांगता है तो वह साइबर फ्रॉड कॉल हो सकती है। आधिकारिक वेबसाइट का ही करें उपयोग: एसआईआर पत्रक केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइट पर ही भरें।
एसआईआर भरते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान
निःशुल्क है प्रक्रिया: एसआईआर प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। किसी भी प्रकार की फीस, प्रोसेसिंग चार्ज या भुगतान करने के लिए कहे जाने पर सतर्क हो जाएं, क्योंकि ऐसे संदेश या कॉल धोखाधड़ी हो सकते हैं।
सोशल मीडिया लिंक से रहें दूर: व्हॉट्सऐप (WhatsApp) या सोशल मीडिया (Social Media) पर मिले लिंक न खोलें। ‘आपका वोटर कार्ड रद्द हो जाएगा’ या ‘तुरंत एसआईआर भरें’ जैसे संदेश फर्जी हो सकते हैं।
साइबर कैफे (Cyber Cafe) में बरतें सावधानी: एसआईआर के लिए साइबर कैफे का उपयोग करते समय सतर्क रहें। ऑटो-सेव बंद रखें, कार्य समाप्त होने पर ब्राउजर इतिहास और कैश साफ करें तथा अनिवार्य रूप से लॉगआउट करें।
संदिग्ध गतिविधि की तुरंत करें रिपोर्ट
किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (National Cybercrime Portal) www.cybercrime.gov.in अथवा हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें।
