मध्यप्रदेश सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों ने खोले वैश्विक अवसरों के द्वार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पेन के बार्सिलोना में ‘इन्वेस्ट इन एमपी’ बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए राज्य की प्रगति और निवेश के अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की 18 डेडिकेटेड औद्योगिक नीतियों ने निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण सृजित किया है।
प्रमुख घोषणाएं:
- भारत-स्पेन के बीच 9 बिलियन डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को और मजबूत बनाने की योजना
- 2026 को “भारत-स्पेन सांस्कृतिक सहयोग वर्ष” के रूप में मनाने का निर्णय
- फिल्म को-प्रोडक्शन और टेक्सटाइल क्षेत्र में नए समझौते
हरित ऊर्जा में अग्रणी:
मध्यप्रदेश ने 32 लाख से अधिक सोलर सिंचाई पंप वितरित किए हैं और राज्य की कुल ऊर्जा उत्पादन का 50% से अधिक नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त होता है। स्पेन की प्रमुख टेक्सटाइल कंपनी इंडिटेक्स के साथ साझेदारी से राज्य के कपास उत्पादकों को लाभ मिलेगा।
तकनीकी क्षेत्र में प्रगति:
अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने बताया कि भोपाल और इंदौर अब देश के प्रमुख टेक हब के रूप में उभर रहे हैं। राज्य सरकार ने ड्रोन प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के लिए विशेष नीतियाँ बनाई हैं।
प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि मध्यप्रदेश में यूनेस्को की 18 विश्व धरोहर स्थल हैं। हॉस्पिटैलिटी, वेलनेस और एडवेंचर पर्यटन में निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।
निवेशकों के लिए आकर्षण:
औद्योगिक नीति विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2024 में मध्यप्रदेश ने स्पेन को 58.5 मिलियन यूरो का निर्यात किया। ऑर्गेनिक केमिकल्स, इलेक्ट्रिकल मशीनरी और वस्त्र प्रमुख निर्यात वस्तुएँ हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यूरोप यात्रा मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। स्पेन के साथ हुए समझौते राज्य के विकास में नए आयाम जोड़ेंगे।
