कांग्रेस और दिग्विजय ‘हिंदू आतंकवाद’ शब्द गढ़ने के लिए माफी मांगें: मोहन यादव
भोपाल: मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) और भाजपा नेता उमा भारती (Uma Bharti) ने 2008 मालेगांव ब्लास्ट केस (Malegaon Blast Case) में अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कांग्रेस और दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) से ‘हिंदू आतंकवाद’ (Hindu Terrorism) शब्द गढ़ने के लिए माफी मांगने की मांग की।
मालेगांव ब्लास्ट केस में सभी आरोपी बरी
महाराष्ट्र के मालेगांव में 2008 में हुए बम विस्फोट के मामले में एक विशेष अदालत ने भाजपा (BJP) की पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर (Pragya Singh Thakur) और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित (Lt. Col. Prasad Purohit) समेत सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत (Concrete Evidence) नहीं है। इस हमले में 6 लोगों की मौत हुई थी।
“हिंदू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता”
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए कहा, “सत्यमेव जयते… मालेगांव केस में आरोपियों का बरी होना कांग्रेस की संकीर्ण मानसिकता पर प्रहार है। ‘हिंदू आतंकवाद’ जैसा शब्द गढ़ने वाली कांग्रेस को याद रखना चाहिए कि हिंदू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता। यह फैसला सनातन धर्म (Sanatan Dharma) और संतों का अपमान करने वालों को जवाब है। कांग्रेस को सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।”
“भगवा आतंकवाद शब्द का षड्यंत्र था” – उमा भारती
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि “साध्वी प्रज्ञा के निर्दोष साबित होने से सच सामने आया है। यह केस ‘भगवा आतंकवाद’ (Saffron Terrorism) शब्द को स्थापित करने का षड्यंत्र था, जिसके पीछे दिग्विजय सिंह और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) थे। इस्लामिक आतंकवाद (Islamic Terrorism) के जवाब में हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश हुई। अब सवाल यह है कि जिन्होंने निर्दोषों को फंसाया, उनके खिलाफ कार्रवाई कब होगी?”
यह फैसला भाजपा और संगठनों द्वारा कांग्रेस के खिलाफ प्रचार में इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि विपक्षी दल अभी तक इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं।
