श्रम कानूनों में बदलाव को विधानसभा की मंजूरी, कांग्रेस ने बताया मजदूर-विरोधी कदम
भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा ने श्रम कानून (Labour Laws Amendment) में संशोधन को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत हड़ताल (Strike) या तालाबंदी (Lockout) से पहले 45 दिन का अनिवार्य नोटिस देना होगा। सरकार का दावा है कि यह बदलाव औद्योगिक निवेश (Industrial Investment) को बढ़ावा देगा और श्रमिकों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा। वहीं, कांग्रेस (Congress) ने इसे मजदूरों के अधिकारों पर हमला बताते हुए जोरदार विरोध किया।
कांग्रेस का विरोध और वॉकआउट
विधानसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक (Congress MLAs) ओंकार सिंह मरकाम, विजय रेवनाथ चौरे, दिनेश जैन बोस और सोहनलाल वाल्मीकि ने विधेयक को मजदूर-विरोधी (Anti-Labour Bill) करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून ठेकेदारी प्रणाली (Contract System) को बढ़ावा देता है, जिससे आउटसोर्स कर्मचारियों (Outsourced Workers) का शोषण आसान होगा।
कांग्रेस विधायकों ने यह भी दावा किया कि ठेकेदार सरकार से मोटी रकम लेकर मजदूरों को बेहद कम वेतन (Low Wages) दे रहे हैं। उन्होंने मांग की कि श्रमिकों का वेतन सीधे उनके बैंक खातों (Direct Bank Transfer) में भेजा जाए।
सोहनलाल वाल्मीकि द्वारा पेश किए गए संशोधन प्रस्ताव को विधानसभा में बहस के बाद अस्वीकार कर दिया गया। विरोध में कांग्रेस सदस्यों ने सदन से वॉकआउट (Walkout) कर नारेबाजी की।
सरकार का पक्ष: “विकास और सुरक्षा दोनों”
राज्य के श्रम मंत्री प्रह्लाद पटेल (Labour Minister Prahlad Patel) ने कहा कि संशोधित कानून से श्रमिकों को बेहतर वित्तीय सुरक्षा मिलेगी और उद्योगों में जवाबदेही (Accountability in Industries) सुनिश्चित होगी।
पटेल ने स्पष्ट किया कि हड़ताल या बंद (Strike/Lockout) की योजना होने पर कम से कम 30 दिन पहले नोटिस देना जरूरी होगा। कर्मचारी यूनियनों (Employee Unions) को विरोध प्रदर्शन से पहले औपचारिक सूचना देनी होगी। ठेकेदारों को लाइसेंस अब तभी लेना होगा जब वे 50 से अधिक श्रमिकों को नियुक्त करें (पहले यह सीमा 20 थी)। फैक्ट्री लाइसेंसिंग (Factory Licensing) के लिए न्यूनतम कर्मचारियों की संख्या 20 से बढ़ाकर 40 कर दी गई है।
भविष्य निधि में पारदर्शिता
मंत्री पटेल ने दावा किया कि संशोधित नियमों के तहत भविष्य निधि (Provident Fund) का अंशदान अब बिना बिचौलियों के सीधे श्रमिकों के खातों में जमा होगा। उन्होंने कहा कि सरकार मजदूरों के सम्मान के साथ विकास की गति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
