दिल्ली जनसुनवाई में बड़ा हमला: CM पर Slap Attack से हड़कंप
जनसुनवाई में अचानक हमला
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार सुबह सिविल लाइंस स्थित उनके आवास पर जनसुनवाई (Public Hearing) के दौरान हमला हुआ। घटना सुबह 8 बजे की है, जब आम लोगों की समस्याएँ सुनने के लिए बैठक चल रही थी। तभी एक व्यक्ति शिकायतकर्ता के वेश में उनके कैंप ऑफिस में पहुंचा और अचानक उन्हें थप्पड़ मार दिया। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत आरोपी को काबू कर लिया और स्थानीय पुलिस को सूचना दी।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने बताया कि आरोपी की पहचान राजेश भाई किमजी भाई सकारिया, निवासी राजकोट, गुजरात के रूप में हुई है। वह कतार में खड़ा होकर अपनी बारी का इंतज़ार कर रहा था। जैसे ही वह मुख्यमंत्री के पास पहुँचा, उसने कुछ अदालती दस्तावेज़ दिखाए और अचानक उन पर हाथ उठा दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।
डॉग लवर है हमला करने वाला
बताया गया है कि आरोपी गुजरात के राजकोट का रहने वाला है। उसकी उम्र 41 साल है। वह बहुत बड़ा पशु प्रेमी और डॉग लवर है। उसकी मां का कहना है कि बेघर कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश से दुखी होकर वह दिल्ली गया था। वह कई साल से पड़ोसियों से रोटियां इकट्ठा करके कुत्तों को खिलाता था. पड़ोसियों को यह बात पता थी और वह उसके घर पर ही रोटियां दे जाते थे।
चश्मदीदों का बयान
घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह हमला सभी के लिए चौंकाने वाला था। एक प्रत्यक्षदर्शी ने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI News) से कहा, “जनसुनवाई सबका अधिकार है, लेकिन इस तरह से मुख्यमंत्री पर हमला बेहद निंदनीय है। शिकायत दिखाने के बहाने थप्पड़ मारना बहुत गलत है।” शैलेंद्र कुमार नामक व्यक्ति, जो उत्तम नगर से सीवर की शिकायत लेकर आए थे, ने कहा, “गेट पर अफरा-तफरी मच गई क्योंकि मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारा गया। यह बेहद शर्मनाक है।”
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने मुख्यमंत्री कार्यालय और दिल्ली प्रशासन (Delhi Administration) की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि जनसुनवाई जैसी सार्वजनिक बैठकों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त करने की आवश्यकता है। फिलहाल पुलिस हमलावर के इरादों और पृष्ठभूमि की जाँच कर रही है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी से लगातार पूछताछ जारी है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उसने हमला क्यों किया। इस बीच मुख्यमंत्री की सुरक्षा को और मज़बूत करने के आदेश दिए गए हैं। घटना के बाद से पूरे राजनीतिक गलियारे में इसकी कड़ी आलोचना हो रही है।
