बुंदेलखंड की बेटी कर्नल सोफिया कुरैशी को बाबा बागेश्वर ने बताया ‘झांसी की रानी’
छतरपुर: बागेश्वर धाम सरकार के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सेना की अफसर कर्नल सोफिया कुरैशी की तुलना झांसी की रानी लक्ष्मीबाई से करते हुए उनकी दिल खोलकर प्रशंसा की है।
उन्होंने कहा, “मैंने कई समाचार लेखों में कर्नल सोफिया के बारे में पढ़ा। नौगांव, बुंदेलखंड जैसी जमीन से निकलकर उन्होंने भारतीय सेना में अपनी विशेष पहचान बनाई है। उनका जीवन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा पूरे देश की बेटियों के लिए एक प्रेरणा है। बेटियां भी किसी बेटे से कम नहीं हैं। अगर उन्हें रानी लक्ष्मीबाई का जीवित उदाहरण कहा जाए, तो यह कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।”
कौन हैं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री? (Baba Bageshwar)
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जिन्हें बाबा बागेश्वर के नाम से भी जाना जाता है, मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ा गांव स्थित बागेश्वर धाम सरकार के प्रमुख हैं। वे अपनी कथाओं, चमत्कारों और सामाजिक-धार्मिक टिप्पणियों के लिए देशभर में चर्चित हैं। युवाओं के बीच उनकी खास लोकप्रियता है।
कर्नल सोफिया कुरैशी (Colonel Sophia Qureshi) की कहानी
भारतीय सेना में ऊँचे ओहदे पर कार्यरत कर्नल सोफिया कुरैशी देश की उन चुनिंदा महिला अधिकारियों में हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वे यूनाइटेड नेशंस पीसकीपिंग मिशन का नेतृत्व करने वाली पहली भारतीय महिला अधिकारी रह चुकी हैं। उनका जन्म मध्यप्रदेश के नौगांव (बुंदेलखंड) के रंगरेज मोहल्ले में हुआ था। उनके पिता ताज मोहम्मद कुरैशी बीएसएफ में सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। सेना की नौकरी के कारण उनका परिवार देश के कई हिस्सों में रहा—बड़ौदा, रांची आदि। लेकिन उनकी जड़ें बुंदेलखंड की मिट्टी से जुड़ी रही हैं।
धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान आज की बेटियों को न सिर्फ प्रेरित करता है, बल्कि यह दिखाता है कि भारतीय समाज में महिलाओं की उपलब्धियों को अब वह सम्मान मिल रहा है जिसकी वे हकदार हैं।
