मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में बनेंगे गर्भ संस्कार कक्ष, मेडिकल कॉलेजों में होगी पढ़ाई
भोपाल: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में गर्भ संस्कार (Garbh Sanskar) को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) ने घोषणा की है कि प्रदेश के सभी नए शासकीय चिकित्सालयों (Government Hospitals) में गर्भ संस्कार कक्ष बनाए जाएंगे। साथ ही, चिकित्सा विश्वविद्यालयों (Medical Universities) में इसके अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था भी की जाएगी।
इंदौर में हुआ पुस्तक विमोचन
रविवार को इंदौर (Indore) के डेली कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने “गर्भ संस्कार” पुस्तक (Garbh Sanskar Book) का विमोचन किया। डॉ. अनिल गर्ग और डॉ. सीमा गर्ग द्वारा लिखित इस पुस्तक के माध्यम से गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान शिशु के समग्र विकास पर प्रकाश डाला गया है।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित जन समुदाय से गर्भ संस्कार के प्रचार-प्रसार के लिए सकारात्मक प्रयास करने का संकल्प भी दिलाया। उन्होंने बताया कि जल्द ही इससे संबंधित गजट नोटिफिकेशन (Gazette Notification) जारी किया जाएगा।
गर्भ से शुरू होती है संस्कार की पाठशाला
डॉ. यादव ने कहा कि मातृत्व (Motherhood) केवल जैविक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि गर्भ शरीर निर्माण के साथ संस्कार की पहली पाठशाला भी है। आधुनिक विज्ञान (Modern Science) ने सिद्ध किया है कि 5-6 महीने से ही गर्भस्थ शिशु (Fetus) पर माँ की भावनाओं और बाह्य वातावरण का प्रभाव पड़ने लगता है।
सीएम बोले- मेरी बेटी स्त्री रोग विशेषज्ञ
सीएम यादव ने कहा- एलोपैथी के विशेषज्ञ भी अब गर्भ संस्कार का महत्व स्वीकार कर रहे हैं। मेरी बेटी खुद स्त्री रोग विशेषज्ञ है और वह भी अपने अस्पताल में गर्भ संस्कार कराती है।” उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ‘गर्भ संस्कार’ को संस्थागत रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
महाभारत (Mahabharata) में अभिमन्यु के चक्रव्यूह ज्ञान का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वज मानसिक और भावनात्मक विकास की गहरी समझ रखते थे। भारतीय संस्कृति (Indian Culture) में परंपरा और विज्ञान कभी अलग नहीं रहे।
आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा का समन्वय
मुख्यमंत्री ने आयुर्वेद (Ayurveda) की सामर्थ्य का उल्लेख करते हुए कहा कि कोविड काल (COVID Period) में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए सभी चिकित्सा पद्धतियों ने आयुर्वेदिक प्रक्रियाओं को अपनाया। वर्तमान में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान (Modern Medical Science) भी गर्भ संस्कार के महत्व को स्वीकार कर रहा है।
भारत बनेगा सुपर राष्ट्र: भय्याजी जोशी
अखिल भारतीय कार्यकारणी सदस्य भय्याजी जोशी ने कहा कि भारत का उद्देश्य विश्व को संचालित करना नहीं, बल्कि मार्गदर्शन करना है। भारत “सुपर राष्ट्र” बनेगा, जो जीवन के विविध क्षेत्रों में दुनिया को सही दिशा दिखाएगा।
उन्होंने इंदौर को देवी अहिल्याबाई (Devi Ahilyabai) की पुण्य परंपरा वाली नगरी बताते हुए कहा कि युवाओं और दंपत्तियों को शास्त्रों में निहित मूल्यों को केवल प्रस्तुति तक सीमित न रखकर आचरण में उतारना चाहिए।
कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक महेन्द्र हार्डिया, गोलू शुक्ला सहित आरोग्य भारती (Arogya Bharati) के प्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के लोग उपस्थित थे।
