MP News छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत: कोल्ड्रिफ सिरप पर पूर्ण प्रतिबंध, मुख्यमंत्री मोहन यादव का सख्त रुख
भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने छिंदवाड़ा जिले (Chhindwara) में सात सितंबर से संदिग्ध गुर्दा संक्रमण (kidney infection) के कारण 11 बच्चों की मौत (children’s death) के बाद शनिवार को ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप (Coldrif Syrup) की बिक्री (sale) पर प्रतिबंध (ban) लगा दिया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने शनिवार को ‘एक्स’ पर कहा, “छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ सिरप (Coldrif Syrup) के कारण बच्चों की मौत बेहद दुखद है। इस सिरप की बिक्री पूरे मध्यप्रदेश में प्रतिबंधित कर दी गई है। सिरप को बनाने वाली कंपनी के अन्य उत्पादों पर भी प्रतिबंध लगाया जा रहा है।”
तमिलनाडु की फैक्टरी से जुड़ा मामला
उन्होंने बताया कि यह सिरप कांचीपुरम (Kanchipuram), तमिलनाडु (Tamil Nadu) की एक फैक्टरी में बनाया गया था। घटना के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने तमिलनाडु सरकार (Tamil Nadu Government) से जांच (investigation) कराने का अनुरोध किया है।
राज्य स्तरीय जांच टीम का गठन
मुख्यमंत्री ने बताया कि जांच रिपोर्ट शनिवार सुबह प्राप्त हुई और कड़ी कार्रवाई की गई है। बच्चों की दुखद मौतों के बाद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई जारी है। यादव ने कहा कि मामले की जांच के लिए राज्य स्तर (state level) पर भी एक टीम गठित की गई है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन 11 बच्चों को मृत्यु हुई है, उनके परिजनों को 4-4 लाख रुपए आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। बीमार बच्चों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी।
वर्तमान स्थिति: 13 बच्चे इलाज के दौरान
अधिकारियों (officials) के अनुसार, सात सितंबर से अब तक संदिग्ध गुर्दा संक्रमण (kidney infection) के कारण नौ बच्चों की मौत हो चुकी है। वर्तमान में, छिंदवाड़ा (Chhindwara) और नागपुर (Nagpur) में 13 बच्चों का इलाज (treatment) किया जा रहा है।
सरकारी कार्रवाई की टाइमलाइन:
- सितंबर: पहले मामले की रिपोर्ट
- अब तक: 9 बच्चों की मौत
- शनिवार: कोल्ड्रिफ सिरप पर पूर्ण प्रतिबंध
- वर्तमान: 13 बच्चे इलाजाधीन
इससे पहले के समान मामले
भारत में पहले भी गैंबिया (Gambia) और उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) में भारतीय कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं। इन मामलों में डाइथाइलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol – DEG) और इथाइलीन ग्लाइकॉल (Ethylene Glycol – EG) नामक जहरीले रसायन पाए गए थे।
हेल्पलाइन नंबर
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य हेल्पलाइन: 104
- राष्ट्रीय विष सूचना केंद्र: 1800-116-117
- बाल स्वास्थ्य हेल्पलाइन: 1800-180-1104
ड्रग कंट्रोलर की भूमिका
ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (Drug Controller General of India – DCGI) ऐसे मामलों में तत्काल एक्शन लेता है और संदिग्ध दवाओं के सैंपल टेस्टिंग (sample testing) का आदेश देता है।

डेली हिंदी न्यूज़ विशेष : लैब रिपोर्ट में खुलासा: 48.6% जहरीला रसायन मिला, NSQ घोषित
तमिलनाडु के औषधि नियंत्रक (Drug Controller of Tamil Nadu) द्वारा कोल्ड्रिफ सिरप (Coldrif Syrup) को “नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी – NSQ” (Not of Standard Quality) घोषित किया गया है। शासकीय औषधि विश्लेषक (Government Drug Analyst), औषधि परीक्षण प्रयोगशाला (Drug Testing Laboratory), चेन्नई (Chennai) के परीक्षण के अनुसार इस सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol – DEG) की मात्रा 48.6% पाई गई है, जो एक जहरीला तत्व (toxic substance) है और स्वास्थ्य (health) के लिए गंभीर रूप से हानिकारक है।
चेतावनी: डाइएथिलीन ग्लाइकॉल एक औद्योगिक रसायन (industrial chemical) है जो किडनी फेलियर (kidney failure), मस्तिष्क क्षति (brain damage), और मृत्यु (death) का कारण बन सकता है।
छिंदवाड़ा त्रासदी के बाद कठोर कदम
जिला छिंदवाड़ा से बच्चों की मृत्यु की घटनाओं की पृष्ठभूमि में इस औषधि की संदिग्ध भूमिका को ध्यान में रखते हुए प्रदेश (state) में कठोर कदम उठाए गए हैं।
ड्रग कंट्रोलर के सख्त आदेश
तत्काल बिक्री और वितरण पर रोक: नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Controller Food and Drug Administration) डॉ. दिनेश कुमार मौर्य (Dr. Dinesh Kumar Maurya) ने प्रदेश के समस्त वरिष्ठ औषधि निरीक्षक (Senior Drug Inspector) एवं औषधि निरीक्षकों (Drug Inspectors) को निर्देशित (instructed) किया है कि:
तत्काल बिक्री रोकें: उक्त दवा का विक्रय (sale) एवं वितरण (distribution) तत्काल प्रभाव (immediate effect) से बंद किया जाए।
सील करें, नष्ट न करें: यदि यह दवा उपलब्ध हो तो इसे तुरंत सील (seal) कर लिया जाए तथा नष्ट नहीं किया जाए, जैसा कि औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 (Drugs and Cosmetics Act 1940) और नियमों (rules) में प्रावधान (provision) है।
सैंपल टेस्टिंग: संबंधित औषधि के नमूने (samples) संकलित कर परीक्षण (testing) हेतु शासकीय औषधि प्रयोगशालाओं (Government Drug Laboratories) को भेजे जाएं।
सभी बैच की जांच: कोल्ड्रिफ सिरप के अन्य बैचेस (other batches) भी यदि उपलब्ध हों तो उन्हें भी सील (seal) कर नमूने परीक्षण हेतु भेजे जाएं।
स्रेसन फार्मास्यूटिकल के सभी उत्पादों पर रोक
जनहित को देखते हुए मेसर्स स्रेसन फार्मास्यूटिकल (Sresan Pharmaceutical) द्वारा निर्मित सभी अन्य औषधियों की बिक्री एवं उपयोग भी तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है और इनके नमूने कानूनी परीक्षण हेतु संकलित किए जा रहे हैं। प्रदेश में इस दवा की आवाजाही पर सख्त निगरानी (strict surveillance) के निर्देश हैं।
