चीनी छात्रा को यूक्रेनी गेमर के साथ एक रात बिताने पर विश्वविद्यालय से निकाला गया
छात्रा की निजता भंग, विश्वविद्यालय पर National Dignity को ठेस पहुँचाने का आरोप
बीजिंग / दालियान : चीन के एक प्रमुख तकनीकी संस्थान दालियान पॉलिटेक्निक विश्वविद्यालय (Dalian Polytechnic University) ने एक महिला छात्रा को यूक्रेनी गेमर के साथ संबंध रखने के चलते विश्वविद्यालय से निष्कासित (Expulsion) करने का निर्णय लिया है। इस कार्रवाई ने पूरे देश में भारी बहस और नारी विरोधी (Gender Bias) रवैये पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
21 वर्षीय छात्रा, जिनका उपनाम ‘ली’ (Li) बताया गया है, पर आरोप है कि उन्होंने दिसंबर 2024 में शंघाई में आयोजित एक गेमिंग कार्यक्रम के दौरान 37 वर्षीय पूर्व प्रोफेशनल काउंटर-स्ट्राइक खिलाड़ी दान्यलो टेसलेन्को (Danylo Teslenko) उर्फ़ “ज़ीउस (Zeus)” के साथ एक रात बिताई।
टेसलेन्को ने कथित रूप से उनकी निजी तस्वीरें और वीडियो अपने फैन ग्रुप में साझा कर दिए और छात्रा को “ईज़ी गर्ल” (Easy Girl) कहकर संबोधित किया। बाद में इन वीडियो और फोटोज को टेसलेन्को के चीनी प्रशंसकों ने लीक कर दिया, जिसके बाद छात्रा की वास्तविक पहचान (Real Identity), परिवार की जानकारी और सोशल मीडिया अकाउंट्स इंटरनेट पर सार्वजनिक कर दिए गए — यानी कि उन्हें डॉक्स (Doxxing) कर दिया गया।
विश्वविद्यालय की प्रतिक्रिया
ली के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि छात्रा ने “विदेशियों के साथ अनुचित मेलजोल” (Improper Socializing with Foreigners) किया और इससे “राष्ट्रीय गरिमा और संस्थान की प्रतिष्ठा” (National Dignity and University’s Reputation) को ठेस पहुँची।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि विश्वविद्यालय ने ली का पूरा नाम (Full Name Disclosure) सार्वजनिक कर दिया, जिससे उसकी निजता का पूर्ण उल्लंघन हुआ।
कानूनी विशेषज्ञों की राय
बीजिंग स्थित वकील जिन लिन ने मुख्य भूमि मीडिया से बात करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की यह कार्रवाई कानूनी आधार (Legal Grounds) से रहित है। चीन के ‘प्रावधानों ऑन द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ स्टूडेंट्स इन रेगुलर इंस्टिट्यूशंस ऑफ हायर एजुकेशन’ के अनुसार निष्कासन सिर्फ 8 विशेष परिस्थितियों में किया जा सकता है, और ली का मामला उनमें से किसी में नहीं आता।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
इस मामले ने सोशल मीडिया पर व्यापक आक्रोश पैदा किया। कई लोगों ने लिखा कि छात्रा की निजी ज़िंदगी में दखल देना विश्वविद्यालय का अधिकार नहीं है। जिस व्यक्ति ने वीडियो लीक किया, उसे तो कुछ नहीं कहा गया, लेकिन महिला को पूरी तरह दोषी ठहराया गया।
क्या टेसलेन्को दोषी नहीं?
टेसलेन्को ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि वह ना तो विवाहित थे और ना ही किसी रिश्ते में जब यह घटना हुई। उन्होंने वीडियो साझा करने पर खेद भी व्यक्त किया और कहा कि “ईज़ी गर्ल” वाला कथन रूसी भाषा (Russian Language) में कही गई बात का ग़लत अनुवाद (Misinterpretation) हो सकता है।
ब्रिटेन की एक गेमिंग न्यूज वेबसाइट ने भी इस पर रिपोर्ट करते हुए कहा कि टेसलेन्को के कथन को गलत अर्थों में लिया गया हो सकता है।
लैंगिक भेदभाव (Gender Discrimination) के आरोप
ऑनलाइन यूज़र्स ने इसे महिला विरोधी रवैये का उदाहरण बताते हुए कहा कि इसी तरह के मामलों में जब पुरुष छात्र (Male Students) शामिल होते हैं, तो उनके नाम तक सार्वजनिक नहीं किए जाते और उन्हें बहुत हल्की सज़ा दी जाती है।
एक यूज़र ने लिखा: “हमें आज तक ‘अंकल रेड’ का पूरा नाम नहीं पता, लेकिन एक लड़की की ज़िंदगी बर्बाद करने में देर नहीं लगाई गई।”
(‘Uncle Red’ एक 38 वर्षीय पुरुष है जिसने सैकड़ों पुरुषों को धोखा देकर उनके साथ संबंध बनाए और वीडियो बनाए।)
अगला कदम क्या?
विश्वविद्यालय ने कहा है कि ली 7 सितंबर तक अपने निष्कासन के खिलाफ अपील (Appeal) कर सकती हैं। अब तक ली की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
वहीं, कई वकीलों और अधिकार समूहों ने छात्रा को सलाह दी है कि वह इस निर्णय के खिलाफ कानूनी कार्यवाही (Legal Action) करें और अपने मानवाधिकारों (Human Rights) की रक्षा के लिए कोर्ट का रुख करें।
विश्लेषण
यह मामला सिर्फ नैतिकता का नहीं बल्कि निजता, लैंगिक समानता और संस्थागत जवाबदेही (Privacy, Gender Equality & Institutional Accountability) का भी है। ली के आलोचक हो सकते हैं, लेकिन मौजूदा तथ्यों के आधार पर वह पीड़िता (Victim) प्रतीत होती हैं न कि अपराधी।
