बुंदेलखंड में चीतों को मिला तीसरा ठिकाना, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2 चीते नौरादेही टाइगर रिजर्व में किए आजाद
सागर (dailyhindinews.com). मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में 2 चीते (नर व्योम और मादा नीरा) के लिए तैयार किए गए सुरक्षित बाड़े (सॉफ्ट रिलीज बोमा) में छोड़े। मुख्यमंत्री ने चीता मित्रों और बाघिन दीदी से भी संवाद किया। डॉ. यादव ने कहा है कि वन्य जीव हमारे वनों के आभूषण हैं। इन्हें संजोकर रखना हम सबका दायित्व है। उन्होंने कहा कि मप्र की धरती पर वन्य जीवों का संरक्षण और संवर्धन हमारा मिशन है और यह मिशन लगातार भी जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर अभयारण्य के बाद नौरादेही टाइगर रिजर्व में चीतों को नया ठिकाना मिला है। बुंदेलखंड स्थित वीरांगना दुर्गावती अभयारण्य प्रदेश में तीसरा ऐसा स्थान बना है, जहां चीते अपने अनुकूल प्राकृतिक आवास में स्वच्छंद होकर विचरण करेंगे। नौरादेही में 41 वर्ष पहले टाइगर रिजर्व की स्थापना हुई थी। यह अभयारण्य सबसे खास होगा, क्योंकि अब नौरादेही में पर्यटकों को चीता और टाइगर एक ही रिजर्व में विचरण करते नजर आएंगे।
मध्यप्रदेश में चीतों की संख्या अब 60 तक पहुंच गई है। प्रदेश की धरती वन्य प्राणियों के लिए सबसे अनुकूल है। मध्यप्रदेश, देश में सबसे अधिक टाइगर और गिद्धों की संख्या वाला राज्य है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वन और वन्य प्राणियों की चिंता करते हुए उनका सभी प्रकार से संरक्षण कर रही है। मध्यप्रदेश में जलचर, थलचर और नभचर सभी प्रकार के जीवों की संख्या निरन्तर बढ़ रही है।
वन समितियों को 20 करोड़ रुपए लाभांश के वितरित
रहली में वन्य जीव सप्ताह समापन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते यह हमारा दायित्व है कि कठिन समय में क्षेत्र के नागरिकों के लिए साथ खड़े रहें। वन्य जीव सप्ताह के समापन के अवसर पर आज वन समितियों को उनके लाभांश का वितरण भी किया गया। नौरादेही टाइगर रिजर्व के आसपास पर्यटकों को घुमाने और उन्हें सुविधाएं प्रदान करने वाली समितियों के सदस्यों को कुल 80 करोड़ की आय में से 20 करोड़ लाभांश के रूप में मिला है।
होमस्टे बनाकर अर्जित करें आय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन क्षेत्र के आसपास बफर जोन में होमस्टे सर्विस को प्रोत्साहित किया जा रहा है। गांव में रहने वाले लोग अपने मकान में एक से दो कमरे होमस्टे के लिए तैयार करें और स्वरोजगार पाएं। राज्य सरकार होमस्टे तैयार करने के लिए 2 से 3 लाख रुपए का अनुदान भी दे रही है।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कूनों में शुरू हुआ चीता प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की धरती से पहले टाइगर और चीते विलुप्त होते जा रहे थे। आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और सेवा संकल्प के 25 वर्ष पूर्ण हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी नेतृत्व और मार्गदर्शन में एशिया की धरती पर पहली बार कूनो अभयारण्य से चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई। हमारा प्रयास है कि वनों में सभी वन्य जीव आबाद रहे और मनुष्य भी सहअस्तित्व के भाव से निवास करें। दोनों अपने अनुशासन का पालन करें। आज नौरादेही अभयारण्य में 2 चीते मुक्त आवास में छोड़े गए हैं। अगले महीने 2 और चीते यहां लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि चीता एक ऐसा जीव है, जो सभी को लेकर साथ चलता है।
कार्यक्रम में विधायक गोपाल भार्गव, बृज विहारी पटेरिया, प्रदीप लारिया, शैलेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह लम्बरदार, प्रमुख सचिव वन राघवेंद्र सिंह, वनबल प्रमुख शुभरंजन सेन, मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) डॉ. समिता राजौरा, श्रीमती रानी कुशवाहा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने पुस्तक, ब्रोशर और पोस्टर का किया विमोचन
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में पुस्तक, ‘गिद्ध संख्या आंकलन 2026’, बुंदेली बोली में तैयार वीडीटीआर के पोस्टर, जनभागीदारी आधारित बाघिन दीदी अभियान के ब्रोशर का विमोचन किया।
