मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार : 25 सरलीकृत नीतियों से राज्य बना निवेशकों की पहली पसंद
भोपाल/मुंबई (dailyhindinews.com)। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) को देश का सबसे अग्रणी औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। मुंबई में आयोजित ‘इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश’ (Interactive Session on Investment Opportunities in Madhya Pradesh) सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योग और व्यवसाय को बढ़ाने के लिए देश का सर्वाधिक अनुकूल राज्य बनकर उभर रहा है। प्रदेश में लागू की गईं 25 सरलीकृत नीतियां (25 Simplified Policies) उद्योगों की स्थापना में मील का पत्थर साबित हो रही हैं, जहां ‘फाइलों की बजाए फैसलों’ (Decision-Oriented Governance) पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फार्मा (Pharma), मेडिकल डिवाइस (Medical Devices), आईटी (IT) और मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing) क्षेत्र के उद्योगपतियों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने घोषणा की कि जनवरी 2025 में भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (Global Investors Summit) के 30 प्रतिशत निवेश प्रस्ताव पहले ही जमीन पर उतारे जा चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने मुंबई में उपस्थित सभी उद्योगपतियों को जनवरी 2027 में भोपाल में आयोजित होने वाली आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए भी निमंत्रण दिया।
मुंबई सत्र की प्रमुख विशेषताएं और घोषणाएं (Key Highlights of Mumbai Session)
मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी (Infrastructure and Connectivity): मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर का रोड नेटवर्क, 1 लाख एकड़ का तैयार लैंड बैंक (Land Bank) और 50 हजार एकड़ से अधिक विकसित की जा रही भूमि उपलब्ध है। राज्य में 8 एयरपोर्ट और 22 प्रमुख रेल जंक्शन हैं।
सस्ती बिजली और प्रोत्साहन (Subsidized Power and Incentives): धार जिले में विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क (PM MITRA Park) में इकाइयों को ₹4 प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया (Digital Investment Portal): अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई ने बताया कि ‘इन्वेस्ट मध्यप्रदेश पोर्टल 3.0’ (Invest Madhya Pradesh Portal 3.0) के जरिए एआई-आधारित प्रणाली (AI-based System), जीआईएस लैंड बैंक और सिंगल विंडो क्लियरेंस (Single Window Clearance) की सुविधा दी जा रही है।
उद्योगपतियों ने साझा किए अपने सकारात्मक अनुभव
कार्यक्रम के दौरान देश के शीर्ष उद्योग समूहों ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों और प्रशासनिक सहयोग की सराहना की:
- इप्का लैबोरेटरीज (Ipca Laboratories): प्रबंध निदेशक अजीत जैन ने कहा, “मध्यप्रदेश निवेश के लिए एक आदर्श गंतव्य (Ideal Investment Destination) है। बीते 40 वर्षों में हमें यहां कोई समस्या नहीं आई। राज्य में प्रो-एक्टिव सरकार (Proactive Government) और कुशल श्रमबल की उपलब्धता के कारण उद्योग लगाना बेहद आसान है।”
- सन फार्मास्यूटिकल्स (Sun Pharmaceuticals): दिलीप सांघवी ने भी मध्यप्रदेश में अपनी विस्तार योजनाओं और राज्य सरकार द्वारा मिल रहे सहयोग पर विचार व्यक्त किए। सत्र के दौरान उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी (Vikram Udyogpuri, Ujjain) के डीएमआईसी फेज-2 (DMIC Phase-2) में निवेश के लिए 5 औद्योगिक इकाइयों को आशय पत्र (Letters of Intent) भी प्रदान किए गए।
