MP News मध्यप्रदेश में लागू होगा वंदे मातरम् के छह छंदों का ससम्मान गायन, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की घोषणा
भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् (Vande Mataram) के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए एक अभूतपूर्व पहल की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों और स्कूलों में राष्ट्रगीत के छह छंदों (Six Verses of Vande Mataram) का गायन अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से लिया गया यह निर्णय अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इसे देश के अमर शहीदों के बलिदान को स्मरण करने का सशक्त माध्यम बताया। राष्ट्रगान जन-गण-मन (National Anthem) से पूर्व वंदे मातरम् के छह छंदों के गायन से देशभक्ति की अलख जगाने में मदद मिलेगी।
नोहलेश्वर महोत्सव से बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत गौरवान्वित, सीएम होंगे शामिल
दमोह: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को दमोह जिले के नोहटा स्थित ऐतिहासिक नोहलेश्वर मंदिर (Nohleshwar Temple) परिसर में आयोजित दस दिवसीय नोहलेश्वर महोत्सव (Nohleshwar Mahotsav) में शामिल होंगे। यह आयोजन संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी के मार्गदर्शन में चल रहा है।
कलचुरी कालीन स्थापत्य कला का अद्भुत नमूना है नोहलेश्वर मंदिर
नोहलेश्वर महादेव मंदिर (Nohleshwar Mahadev Temple) का इतिहास 10वीं-11वीं शताब्दी के कलचुरी काल (Kalchuri Dynasty) से जुड़ा है। पुरातत्वविदों के अनुसार, यह मंदिर मध्य भारत के प्रमुख शिव मंदिरों में गिना जाता है। मंदिर की भव्य संरचना, अलंकृत स्तंभ, विशाल गर्भगृह और कलात्मक नक्काशी प्राचीन स्थापत्य कला (Ancient Architecture) का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
महोत्सव के माध्यम से बुंदेलखंड (Bundelkhand) की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। यह आयोजन न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बागेश्वर धाम में सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होंगे सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) में महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित गरीब परिवारों की कन्याओं के सामूहिक विवाह (Mass Marriage Ceremony) समारोह में भी शामिल होंगे। यह आयोजन धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का संगम माना जा रहा है।
