MP News सीएम ने कहा : डिजिटल युग Digital Age में न्याय प्रणाली Judicial System को मजबूत बनाने पर ज्यादा जोर
इंदौर, 11 अक्टूबर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि न्याय पाना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है और लोक कल्याणकारी राज्य का पहला दायित्व यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति न्याय (Justice) से वंचित न रहे। वह शनिवार को इंदौर में “इवोल्विंग होराइजन्स: नेविगेटिंग कॉम्प्लेक्सिटी एंड इनोवेशन इन कमर्शियल एंड आर्बिट्रेशन लॉ इन द डिजिटल वर्ल्ड” विषय पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी (International Conference) को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संघीय व्यवस्था का आधार सभी के जीवन, भोजन और स्वास्थ्य के अधिकारों की न्यायपूर्ण रक्षा करना है। उन्होंने कहा, “न्याय और सुशासन न केवल राष्ट्र और समाज को मजबूत करते हैं, बल्कि शासन व्यवस्था को जवाबदेह भी बनाते हैं।”
डिजिटल युग (Digital Age) में न्यायपालिका की भूमिका
डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि तेजी से विकसित हो रहे तकनीकी युग (Digital Age) में न्यायपालिका (Judiciary) को लगातार मूल्यांकन और अनुकूलन (Adaptation) पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, “न्याय प्रदान करना निष्पक्ष और पारदर्शी बना रहे, यह सुनिश्चित करना जरूरी है।”
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के हालिया निर्णयों की सराहना करते हुए कहा कि अब न्याय की देवी खुली आंखों से न्याय कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि समानता, पारदर्शिता और सबको समय पर न्याय दिलाना न्यायपालिका की मूल आत्मा है।
न्यायपालिका का लक्ष्य कानून का पुनर्निर्माण नहीं
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार माहेश्वरी ने कहा कि न्यायपालिका का लक्ष्य कानून का पुनर्निर्माण करना नहीं, बल्कि निष्पक्षता की सीमाओं का विस्तार करना है। न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने कहा कि कानूनी पेशा तकनीकी प्रगति (Technological Advancement) का अपवाद नहीं रह सकता।
नवाचार की ओर बदलाव पर जोर
न्यायमूर्ति राजेश बिंदल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) उपयोगी है, लेकिन यह पेटेंट और पंजीकरण जैसे क्षेत्रों में नई चुनौतियां पेश करता है। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार ने न्यायनिर्णयन से सहयोग और मध्यस्थता (Arbitration) से नवाचार की ओर बदलाव पर जोर दिया।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की नई पहल
इस अवसर पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (Madhya Pradesh High Court) की तीन नई तकनीकी पहलों का उद्घाटन किया गया, जिनमें ऑनलाइन इंटर्नशिप फॉर्म जमा करने का सॉफ्टवेयर, केस डायरी की ऑनलाइन संचार प्रणाली और समझौता योग्य अपराधों के लिए “समाधान आपके द्वार” शामिल हैं।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने कहा कि प्रदेश कानूनी और तकनीकी नवाचार (Legal and Technological Innovation) का केंद्र बनने के लिए तैयार है।
दो दिवसीय संगोष्ठी में विमर्श
यह दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी (International Seminar) इंदौर में आयोजित की गई है, जिसमें देश-विदेश के न्यायाधीशों, कानूनी विद्वानों और विधि छात्रों ने भाग लिया। संगोष्ठी के तकनीकी सत्रों में वाणिज्यिक कानून (Commercial Law), ऑनलाइन मध्यस्थता और बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
