मध्य प्रदेश सरकार का फैसला: सरदार सरोवर विस्थापितों को मुफ्त भूखंड पंजीयन, सिंचाई योजनाओं को मंजूरी
भोपाल: मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने सरदार सरोवर परियोजना (Sardar Sarovar Project) से विस्थापित परिवारों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सुनाई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इन विस्थापितों (Project Displaced Families) को आवंटित आवासीय भूखंडों का पंजीयन (Land Registration) अब नि:शुल्क कराया जाएगा।
विस्थापितों को बड़ी राहत
इस निर्णय के तहत, पंजीयन शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी (Stamp Duty) का भुगतान नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (Narmada Valley Development Authority) द्वारा किया जाएगा। इससे राज्य के 25,600 से अधिक विस्थापित परिवारों को लाभ मिलेगा। इस कदम से राज्य सरकार पर लगभग 600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
सिंचाई परियोजनाओं को हरी झंडी
मंत्रिमंडल ने मैहर और कटनी जिलों में दो प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं (Irrigation Projects) को भी स्वीकृति प्रदान की है:
- मैहर-कटनी धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना: 53.73 करोड़ रुपये की इस परियोजना से 3,500 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी और 9 गांवों के 2,810 किसान लाभान्वित होंगे।
- कटनी बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना: लगभग 567 करोड़ रुपये की इस परियोजना से कटनी जिले के 27 गांवों के 11,500 किसानों को फायदा होगा और 20,000 हेक्टेयर में सिंचाई सुनिश्चित होगी।
दस योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी
सरकार ने छह विभागों की दस योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की भी मंजूरी दी है। इन पर कुल 15,000 करोड़ रुपये से अधिक व्यय किया जाएगा। इनमें श्रम विभाग की मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना (Mukhyamantri Jankalyan Yojana), पशुपालन विभाग की डॉ. अम्बेडकर कामधेनु योजना (Dr. Ambedkar Kamdhenu Yojana) और अन्य कल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं।
समाज कल्याण बोर्ड भंग होगा
बैठक में मध्य प्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग करके उसके कर्मचारियों का महिला बाल विकास विभाग में संविलयन करने का भी निर्णय लिया गया।
