नई दिल्ली में मध्यप्रदेश उत्सव का वर्चुअल शुभारंभ, सीएम ने कहा- ‘दिल खोलकर स्वागत के लिए तैयार’‘देश का दिल’
नई दिल्ली/भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन (Madhya Pradesh Bhavan) परिसर में आयोजित तीन दिवसीय ‘मध्यप्रदेश उत्सव’ (Madhya Pradesh Utsav) का भोपाल से वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों को ‘देश का दिल’ (Dil Ka Desh) कहलाने वाले मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि प्रदेश उनके ‘दिल खोलकर स्वागत’ (Dil Kholkar Swagat) के लिए तैयार है।
केन्द्र और राज्य सरकार कदमताल से कर रही है कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ कार्य किया जा रहा है। इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य (Utsav Ka Mukhya Uddeshya) दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, कला, खान-पान और पर्यटन (Sanskriti, Kala, Khan-Paan, Paryatan) से अवगत कराना है।
राज्य के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों का आमंत्रण (Invitation to State’s Major Tourist Attractions)
डॉ. यादव ने लोगों से महाकाल लोक (Mahakal Lok) के दर्शन करने, टाइगर रिजर्व सफारी (Tiger Reserve Safari) का आनंद लेने, ओरछा एवं मांडू (Orchha, Mandu) की आध्यात्मिकता का अनुभव करने और पचमढ़ी (Pachmarhi) के प्राकृतिक सौंदर्य को निहारने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने देश के स्वच्छतम शहर इंदौर (Swachchta Sarvottam Shahar Indore) की सैर और वहां के स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाने का निमंत्रण दिया।
उत्सव में हस्तशिल्प से लेकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक का रंगारंग आयोजन
अपर मुख्य सचिव एवं विशेष आयुक्त (समन्वय) श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने बताया कि इस प्रदर्शनी (Pradarshani) में हस्तशिल्प (Hastshilp), वन धन, माटी कला, 1 जिला-1 उत्पाद (One District One Product) और पर्यटन (Tourism) से जुड़े स्टॉल लगाए गए हैं। यह उत्सव पूर्णतः निःशुल्क है।
तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम (Sanskritik Karyakram) होंगे। पहले दिन पुलिस बैंड, कबीर गायन और बुंदेलखंडी लोकगीत की प्रस्तुतियां दी गईं। आगामी दो दिनों में कर्मा नृत्य, गोंडवाना लोकनृत्य, फैशन शो, फिल्म प्रदर्शन, प्रतियोगिताएं और नृत्य नाटिकाएं आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों को सम्मानित (Sammanit) करके किया जाएगा।
