खजुराहो कैबिनेट बैठक (Khajuraho Cabinet Meeting): बुंदेलखंड (Bundelkhand) विकास के लिए अहम फैसले
सागर में 24 हजार करोड़ रुपए के निवेश (Investment) से 29 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार (Employment)
खजुराहो (dailyhindinews.com): मुख्यमंत्री (Chief Minister) डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को खजुराहो के महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में बुंदेलखंड के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। बैठक में औद्योगिक विकास (Industrial Development), रोजगार सृजन, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, सड़क निर्माण और चीता संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
सागर मसवासी ग्रंट में विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज
मंत्रि-परिषद ने बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सागर के औद्योगिक क्षेत्र ‘मसवासी ग्रंट (Masawasi Grant)’ के लिए विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज (Industrial Incentive Package) को मंजूरी दी। इस पैकेज से 24 हजार 240 करोड़ रुपए के निवेश का मार्ग प्रशस्त होगा और 29 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
प्रमुख सुविधाएं:
- भूमि प्रभाजी और वार्षिक भू-भाटक की दर केवल 1 रुपए प्रति वर्गमीटर
- विकास शुल्क भुगतान के लिए 20 समान वार्षिक किश्तों की सुविधा
- संधारण शुल्क 8 रुपए प्रति वर्गमीटर वार्षिक
- स्टाम्प और पंजीयन शुल्क में 100% प्रतिपूर्ति
- वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने से पांच वर्षों तक विद्युत शुल्क में छूट
वृहद श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों पर उद्योग संवर्धन नीति 2025 और निवेश प्रोत्साहन योजना 2025 लागू होगी, जबकि एमएसएमई (MSME) इकाइयों के लिए एमएसएमई विकास नीति-2025 और एमएसएमई प्रोत्साहन योजना-2025 के प्रावधान प्रभावी रहेंगे। यह विशेष पैकेज आगामी पांच वर्षों के लिए लागू रहेगा।
सागर-दमोह फोरलेन मार्ग निर्माण को 2059 करोड़ की मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने सागर-दमोह मार्ग (Sagar-Damoh Route) की 76.680 किलोमीटर लंबाई के फोरलेन निर्माण (Four-Lane Construction) के लिए 2,059 करोड़ 85 लाख रुपए की स्वीकृति दी। यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (Hybrid Annuity Model – HAM) के तहत पूरी की जाएगी।
परियोजना में 13 अंडरपास, 3 वृहद पुल, 9 मध्यम पुल, एक आरओबी, 13 वृहद जंक्शन और 42 मध्यम जंक्शन का निर्माण किया जाएगा। लागत का 40% मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा राज्य राजमार्ग निधि से वहन किया जाएगा, जबकि शेष 60% राशि 15 वर्षों में 6 माही एन्युटी के रूप में राज्य बजट से दी जाएगी।
तीन मेडिकल कॉलेजों के लिए 1605 पदों की स्वीकृति
दमोह, छतरपुर और बुधनी (Budni) के नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों (Medical Colleges) के संचालन के लिए 990 नियमित और 615 आउटसोर्स पदों की स्वीकृति दी गई। प्रत्येक चिकित्सा महाविद्यालय में 330 नियमित पद सृजित होंगे और 205 व्यक्तियों को आउटसोर्स पर नियोजित किया जाएगा।
नौरादेही को चीतों का तीसरा रहवास बनाने की मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने सागर में वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व नौरादेही (Nauradehi Tiger Reserve) को चीतों के तीसरे रहवास (Cheetah Habitat) के रूप में विकसित करने के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की। वर्तमान में कूनो राष्ट्रीय उद्यान श्योपुर में 28 और गांधी सागर अभयारण्य मंदसौर में 2 चीतों का रहवास है। जनवरी 2026 में बोत्सवाना से 8 चीते कूनो में आने की संभावना है।
दमोह में 165 करोड़ की सिंचाई परियोजना
दमोह जिले की तेंदूखेड़ा तहसील में झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना (Irrigation Project) के लिए 165 करोड़ 6 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से तेंदूखेड़ा तहसील के 17 ग्रामों का कुल 3600 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा।
12 स्वास्थ्य संस्थाओं का उन्नयन और 348 नए पद
मंत्रि-परिषद ने 11 जिलों की 12 स्वास्थ्य संस्थाओं (Health Institutions) के उन्नयन प्रस्ताव को स्वीकृति दी। इनमें नीमच के भादवामाता, शाजापुर के मक्सी, उज्जैन के जीवाजीगंज, खंडवा के ओंकारेश्वर, पन्ना के अजयगढ़, खरगौन के महेश्वर, सिंगरौली के देवसर और चितरंगी, रीवा के हनुमना, बैतूल के भीमपुर, अनूपपुर के कोतमा और सागर के बीना स्थित स्वास्थ्य केंद्र और अस्पताल शामिल हैं। संस्थाओं के संचालन के लिए 345 नियमित और 3 संविदा पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। साथ ही 136 व्यक्तियों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखा जाएगा। इस पर 27 करोड़ 17 लाख रुपए का वार्षिक व्यय होगा।
600 पिछड़ा वर्ग के युवाओं को विदेश भेजने का निर्णय
पिछड़ा वर्ग के 600 युवाओं को दो वर्षों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सोशल इंपैक्ट बांड (Social Impact Bond – SIB) वित्तीय उपकरण का प्रयोग कर जापान एवं जर्मनी (Japan and Germany) भेजे जाने के परियोजना प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए 397 करोड़
15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुसार प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं (Fire Services) के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 397 करोड़ 54 लाख रुपए की कार्य योजना को स्वीकृति दी गई। इसमें 75% केंद्रांश (297 करोड़ 15 लाख रुपए) और 25% राज्यांश (100 करोड़ 38 लाख 50 हजार रुपए) शामिल है।
