जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में AI, नवाचार और अनुसंधान एवं विकास के अवसर तलाशे
मुख्यमंत्री के प्रयासों से GIS में हुए MoU को मिला ठोस स्वरूप
भोपाल : मध्यप्रदेश में नवाचार (Innovation), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence – AI) और अनुसंधान एवं विकास (Research & Development – R&D) के नए अवसर तलाशने के लिए जर्मनी का व्यवसायिक प्रतिनिधिमंडल इंदौर पहुंचा। सोमवार को इन्फोबीन्स कैंपस में “एमपी-ग्लोबल इनोवेशन एवं अनुसंधान और विकास एक्सचेंज प्रोग्राम-2025” की शुरुआत जोश और उत्साह से हुई।
इस पाँच दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन एमपीआईडीसी (MPIDC) और जर्मन-इंडिया इनोवेशन कोर (GIIC) के बीच हुए समझौते के आधार पर किया गया है, जिसे इन्क्यूबेशन मार्क्स ने सहयोग प्रदान किया। यह समझौता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नवंबर 2024 की जर्मनी यात्रा और भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 (Global Investors Summit 2025) में हुए एमओयू (MoU) का ठोस परिणाम है।
द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा
समझौते के तहत जर्मन निवेशकों को मध्यप्रदेश में प्रमुख निवेश गंतव्य (Prime Investment Destination) के रूप में आकर्षित करने, स्टार्टअप्स और इनोवेशन को मजबूत बनाने तथा तकनीकी सहयोग (Technology Collaboration) को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
संवाद और अनुभव साझा
पहले दिन कई फायरसाइड चैट (Fireside Chat) आयोजित हुईं, जिनके विषय थे –
- “भारत से वैश्विक स्तर के डिजिटल उत्पाद बनाना (Building Global Digital Products from India)”
- “भारतीय नवाचार परिदृश्य (Indian Innovation Landscape)”
- “एजिलिटी के साथ स्केलिंग – भारतीय और जर्मन दृष्टिकोण (Scaling with Agility – Indian & German Perspectives)”
इन चर्चाओं में विशेषज्ञों ने अनुसंधान, नवाचार और क्रॉस-बॉर्डर बिजनेस कोलैबोरेशन (Cross-Border Business Collaboration) पर अपने विचार रखे।
प्रतिनिधिमंडल ने टैलेंट एक्विजिशन प्रैक्टिस (Talent Acquisition), कल्चर-फोकस्ड एचआर मॉडल (Culture-Focused HR Model) और शक्ति महिला सशक्तिकरण पहल (Shakti Women Empowerment Initiative) का भी अवलोकन किया।
जर्मन रुचि: एआई और रोजगार अवसर
चर्चा के दौरान जर्मन प्रतिनिधियों ने भारतीय यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स जैसे Zoho, Freshworks और BrowserStack की सफलता का उदाहरण दिया और मध्यप्रदेश में एआई विकास (AI Development), संभावित अनुसंधान एवं विकास केंद्र (R&D Centers), तकनीकी साझेदारी और युवाओं के लिए रोजगार अवसर (Employment Opportunities) की गहरी संभावनाएं तलाशने में विशेष रुचि दिखाई।
