कुख्यात अंतरराष्ट्रीय बाघ शिकारी कल्ला बावरिया को 4 वर्ष की सजा: दक्षिण एशिया में फैला तस्करी नेटवर्क ध्वस्त
नर्मदापुरम: मध्यप्रदेश की स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (State Tiger Strike Force) को बड़ी कानूनी सफलता मिली है। न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नर्मदापुरम ने कुख्यात अंतर्राष्ट्रीय बाघ शिकारी एवं तस्कर आदिम सिंह उर्फ कल्ला बावरिया (Kalla Bavaria) सहित तीन आरोपियों को बाघ शिकार और उसके अवयवों की तस्करी का दोषी मानते हुए 4-4 वर्ष के सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
सहायक जिला अभियोजन अधिकारी नर्मदापुरम द्वारा पेश किए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर मजिस्ट्रेट ने 11 फरवरी को यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। यह सजा वन्य-जीव अपराध (Wildlife Crime) के खिलाफ मध्यप्रदेश की सख्त नीति को दर्शाती है।
नेपाल और महाराष्ट्र तक फैला था आतंक, वर्षों से तलाश में थीं कई एजेंसियां
एसटीएसएफ (STSF) ने केंद्रीय वन्य-जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (Wildlife Crime Control Bureau) से प्राप्त इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर 18 अगस्त 2023 को विदिशा के ग्यारसपुर से कल्ला बावरिया को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि कल्ला और उसका गिरोह भारत के अलावा नेपाल में भी सक्रिय था।
एसटीएसएफ ने भारत सरकार के माध्यम से साउथ एशिया वाइल्ड लाइफ इन्फोर्समेंट नेटवर्क (SAWEN) मुख्यालय काठमांडू, नेपाल से संपर्क स्थापित किया। इस सहयोग से पता चला कि नेपाल में वर्ष 2012 में कल्ला के खिलाफ बाघ शिकार और तस्करी का प्रकरण दर्ज है। वहीं महाराष्ट्र में भी वर्ष 2013 का एक प्रकरण उससे जुड़ा मिला।
नेपाल सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (CIB Nepal) सहित कई राज्यों की पुलिस और वन विभाग वर्षों से इस अंतर्राष्ट्रीय तस्कर की तलाश कर रहे थे।
पंजाब और असम से भी गिरफ्तारियां, नेपाल को सौंपने की तैयारी
प्रकरण की अग्रिम विवेचना में एसटीएसएफ ने वर्ष 2025 में गिरोह की अन्य महत्वपूर्ण कड़ियों को भी गिरफ्तार किया। इनमें पुजारी सिंह बावरिया (Pujari Singh Bavaria) निवासी होशियारपुर, पंजाब और गिरोह की मुख्य सरगना महिला तस्कर रिंडिक टेरोंपी (Rindik Teronpi) निवासी असम शामिल हैं।
अब वन विभाग द्वारा केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजकर तस्कर कल्ला बावरिया को नेपाल को सौंपने की कार्यवाही की जाएगी। इस कदम से दक्षिण एशिया (South Asia) में फैले बाघ शिकार एवं अवयवों की तस्करी के अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने में मदद मिलेगी।
वन विहार में शाकाहारी वन्य प्राणियों की गणना 18 से 20 फरवरी तक, दो दिन पर्यटकों का प्रवेश बंद
भोपाल: वन विहार राष्ट्रीय उद्यान (Van Vihar National Park) में स्वतंत्र विचरण करने वाले शाकाहारी वन्य प्राणियों (Herbivore Wildlife Census) की वार्षिक गणना 18, 19 और 20 फरवरी को आयोजित की जाएगी। यह गणना प्रतिदिन सुबह 7 से 9 बजे के बीच संपन्न होगी।
गणना कार्य के चलते 18 और 19 फरवरी को वन विहार में सुबह 6:30 से 10:00 बजे तक पर्यटकों का प्रवेश बंद (Van Vihar Closed for Tourists) रहेगा। पार्क प्रबंधन ने पर्यटकों से इस अवधि में सहयोग की अपील की है। यह गणना वन्य-जीव संरक्षण एवं प्रबंधन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
