सिंहस्थ-2028 की तैयारी को युद्धस्तर पर गति: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में की अधोसंरचना विकास कार्यों की समीक्षा
उज्जैन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ-2028 (Simhastha-2028 Ujjain) की तैयारियों की समीक्षा के लिए उज्जैन पहुंचकर मंत्री मंडलीय समिति द्वारा अनुशंसित अधोसंरचना के प्रगतिरत विकास कार्यों का जायजा लिया।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सुविधा से कोई समझौता नहीं होगा। इस भव्य धार्मिक आयोजन को विश्वस्तरीय स्वरूप देने के लिए रिवर्स कैलेंडर (Reverse Calendar) बनाकर निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं।
क्षिप्रा में नर्मदा जल से सिंचाई सुनिश्चित करने के निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने गेहूं की फसल की सिंचाई को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि क्षिप्रा नदी (Shipra River) पर घाट निर्माण कार्य के चलते किसानों को पानी की कमी न होने पाए। इसके लिए नर्मदा जल आपूर्ति (Narmada Water Supply) सुनिश्चित करने को कहा गया है, जिससे फसल को अंतिम पानी मिल सके और किसानों की मेहनत बेकार न जाए।
माइक्रो से नैनो मैनेजमेंट की ओर: 24×7 सक्रिय रहें अधिकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय माइक्रो मैनेजमेंट (Micro Management) से हटकर नैनो मैनेजमेंट (Nano Management) की ओर बढ़ने का है। उन्होंने सभी अधिकारियों को 24 घंटे-07 दिन सक्रिय रहने और युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए। सेवानिवृत्त अनुभवी अधिकारियों की आवश्यकता होने पर उन्हें नियमानुसार तत्काल पदस्थापित करने के भी निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और संजय दुबे को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री निवास पर सिंहस्थ सेल (Simhastha Cell) गठित कर नियमित मॉनीटरिंग की जाए। रिक्त पदों पर तत्काल पदस्थापना कर कार्यों में गति लाने पर बल दिया गया।
होम स्टे से लेकर गूगल मैपिंग तक: व्यापक रणनीति
मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ-2028 को सुव्यवस्थित रूप देने के लिए बहुआयामी रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए:
होम स्टे (Home Stay) को बढ़ावा: उज्जैन शहर से सटे गांवों में होम स्टे की व्यवस्था के लिए स्थानीय नागरिकों को प्रशिक्षण दिया जाए।
- त्योहारों पर परीक्षण: महाशिवरात्रि, श्रावण और नागपंचमी (Nagpanchami) जैसे पर्वों पर भीड़ प्रबंधन का प्रायोगिक अभ्यास किया जाए, जिससे सिंहस्थ के दौरान अनुभव का लाभ मिल सके।
- गूगल मैपिंग (Google Mapping) का उन्नयन: उज्जैन से जुड़ने वाले वैकल्पिक मार्गों का चयन कर उन्हें गूगल मैपिंग से जोड़ा जाए, जिससे श्रद्धालु सुगमता से महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) तक पहुंच सकें।
घाट कनेक्टिविटी: श्री मंगलनाथ, श्री भूखीमाता और रामघाट (Ram Ghat) क्षेत्र के आसपास के मार्गों को चिन्हित कर उन्नयन किया जाए।
निर्माण एजेंसियों को प्रोत्साहन, नागरिकों में समर्पण का भाव जगाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने वाली निर्माण एजेंसियों (Construction Agencies) को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही, उज्जैन के नागरिकों में यह भावना जागृत की जाए कि सिंहस्थ का आयोजन उनका व्यक्तिगत दायित्व है। इसके लिए जन-भागीदारी और समन्वय से कार्य करने पर बल दिया गया।
बैठक में उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, महापौर मुकेश टटवाल, विधायकगण, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, सिंहस्थ मेला अधिकारी सह संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
