Sagar News ढाना के जंगल में मृत मिला युवा बाघ, जहर या संघर्ष? वन विभाग जांच में जुटा
सागर. दक्षिण वन मंडल के ढाना परिक्षेत्र के जंगल में एक युवा नर बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। प्राथमिक जांच में बाघ की मौत के कारणों पर रहस्य बना हुआ है, हालांकि ठंड और जहरखुरानी (Poisoning) की आशंका जताई जा रही है। मृत बाघ की उम्र करीब 5-6 वर्ष आंकी गई है।
वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व (Veerangana Rani Durgavati Tiger Reserve) के नजदीक मिला शव
बाघ का शव हिलगन गाँव के जंगल में रविवार को मिला, जो वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व (Nauradehi) की सीमा से महज 2 किलोमीटर दूर राजस्व वन क्षेत्र (Revenue Forest Area) में है। घटना की सूचना मिलते ही दक्षिण वन मंडल के डीएफओ वरुण यादव टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मौत के कारणों की तह तक जाने के लिए जांच शुरू कर दी।
पोस्टमार्टम और विस्तृत खोजबीन पर जोर
डीएफओ वरुण यादव ने बताया कि बाघ का शव सुरक्षित है और उसके अंगों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। शिकार (Poaching) की आशंका फिलहाल कमजोर है। शव पर करंट (Electric Current) के निशान भी नहीं मिले हैं। मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। साथ ही, प्रोटोकॉल (Protocol) के तहत आसपास के इलाके की गहन सर्चिंग (Searching) और डॉग स्क्वॉड (Dog Squad) की मदद से जांच जारी है।
बाघ गणना (Tiger Census) के दौरान चौंकाने वाली घटना
यह घटना तब सामने आई है जब अखिल भारतीय बाघ गणना-2025 (All India Tiger Estimation 2025) का पहला चरण हाल ही में पूरा हुआ है। वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़कर 20 से अधिक हो गई है। अनुमान है कि यह नर बाघ अपनी नई टेरिटरी (Territory) की तलाश में रिजर्व से भटककर इस इलाके में आया होगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद मिले शव की हालत से अनुमान लगाया जा रहा है कि मौत 24-36 घंटे पहले हुई होगी। अब वन विभाग और संरक्षणवादियों (Conservationists) को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। बाघ की मौत का असल कारण चाहे आपसी संघर्ष (Conflict), प्राकृतिक कारण या किसी गैर-कानूनी गतिविधि का नतीजा हो, पोस्ट मार्टम की रिपोर्ट ही सामने लाएगी।
