बहुती जल प्रपात का दौरा : मुख्यमंत्री यादव ने किया अवलोकन, Tourism विकास पर जोर
मुख्यमंत्री का दौरा पर्यटन को बढ़ावा देने की कवायद
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को मऊगंज जिले के प्रसिद्ध बहुती जल प्रपात (Bahuti Falls) का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने एक व्यू पॉइंट से झरने की दूधिया जलधारा और उससे बनने वाले प्राकृतिक इंद्रधनुष के मनोरम दृश्य का आनंद लिया। उनके इस दौरें को राज्य सरकार द्वारा इस क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन स्थल (Tourist Destination) के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
पारंपरिक स्वागत और सांस्कृतिक सम्मान
मुख्यमंत्री के बहुती पहुंचने पर उनका पारंपरिक और जोरदार स्वागत किया गया। मऊगंज के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्राओं ने बघेली शैली में नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि स्थानीय कलाकारों के एक दल ने अहिरहाई लोकनृत्य से उनका स्वागत किया। इसके अलावा, ब्रह्माकुमारी आश्रम की सदस्यों ने मुख्यमंत्री का सम्मान करते हुए उन्हें एक स्मृति चिन्ह भेंट किया।
अनेक गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों ने भाग लिया। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, पशुपालन और डेयरी मंत्री लखन पटेल, स्थानीय विधायकों के साथ-साथ कमिश्नर रीवा, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने इस दौरें के महत्व को रेखांकित किया।
पर्यटन विकास की योजनाएं
मऊगंज के कलेक्टर संजय जैन ने बताया कि बहुती जल प्रपात को एक विकसित पर्यटन केंद्र (Developed Tourist Hub) में बदलने के लिए 10 करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी योजना प्रस्तावित की गई है। इस योजना का एक प्रमुख घटक झरने के अपस्ट्रीम में एक स्टॉप डैम का निर्माण करना है, जिससे पूरे वर्ष जलधारा का अविरल प्रवाह (Perennial Waterfall) बना रहेगा और पर्यटकों के आकर्षण को बनाए रखा जा सकेगा। यह कदम सतत पर्यटन (Sustainable Tourism) को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बहुती जल प्रपात : पर्यटकों की सूचना गाइड | Bahuti Falls Visitor guide
बहुती जल प्रपात (Bahuti Falls) मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में स्थित एक अद्भुत प्राकृतिक चमत्कार है। यह न केवल विंध्य क्षेत्र बल्कि पूरे मध्य प्रदेश का सबसे ऊंचा झरना माना जाता है। यहां सेलर नदी लगभग 650 फीट की ऊंचाई से गिरती है और गिरने से पहले दो शानदार धाराओं में विभाजित हो जाती है, जो एक अविस्मरणीय दृश्य प्रस्तुत करती है। झरने का base एक सुंदर कुंड बनाता है, जो घने हरे जंगलों से घिरा हुआ है। जुलाई से सितंबर के मानसून महीनों के दौरान इसकी सुंदरता अपने चरम पर होती है। यह स्थान न केवल प्राकृतिक सौंदर्य (Natural Beauty) के लिए, बल्कि आध्यात्मिक महत्व के लिए भी जाना जाता है, क्योंकि यहां nearby अष्टभुजा देवी का एक प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। इसके अलावा, पास के भैंसहाई क्षेत्र में प्रागैतिहासिक काल के cave paintings पाए गए हैं, जो इतिहास प्रेमियों के लिए एक additional आकर्षण का केंद्र हैं। उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों like प्रयागराज और वाराणसी से सीधी सड़क कनेक्टिविटी होने के कारण यहां उत्तर भारत से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।
बहुती जल प्रपात (Bahuti Falls) कैसे जाएं : पर्यटकों के लिए आवश्यक जानकारी
बहुती जलप्रपात की यात्रा के लिए सबसे उपयुक्त समय अक्टूबर से दिसंबर के बीच माना जाता है, जब जलधारा अपने पूर्ण रूप में होती है और मौसम भी सुहावना रहता है। यह स्थान प्रयागराज और वाराणसी से सड़क मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। निकटतम हवाई अड्डा प्रयागराज है और निकटतम रेलवे स्टेशन रीवा है। पर्यटक यहाँ आनंद लेने के लिए वर्षा ऋतु में ठंडे पानी में स्नान कर सकते हैं, साथ ही पक्षी दर्शन (bird watching) और आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव ले सकते हैं।
Bahuti Falls के पास आवास विकल्प और यात्रा सुझाव
बहुती जलप्रपात के निकट कुछ रिसॉर्ट्स और आवास उपलब्ध हैं, जो सभी प्रकार के बजट और सुविधाओं के अनुरूप हैं। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा के दौरान अपनी आवश्यक सुविधाएँ साथ रखें, क्योंकि स्थल प्रकृतिक है और सुविधाओं में सुधार जारी है। आसपास के अन्य जलप्रपात जैसे छाछाई और पुरवा भी पर्यटकों के लिए आकर्षक स्थल हैं।
